कोटा में मेयर चुनाव से पहले बीजेपी पार्षदों की बाड़ेबंदी, अनुसुईया बोलीं- ‘पिकनिक मनाने जा रहे हैं’, कांग्रेस के वोट मिलने का दावा
कोटा नगर निगम में 25 सितंबर को होने वाले महापौर चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपने पार्षदों की बाड़ेबंदी कर दी है। पार्टी के निर्वाचित पार्षदों को चित्तौड़गढ़ के एक होटल में रखा गया है। इसके पीछे पार्टी किसी तरह की सेंधमारी या क्रॉस वोटिंग की संभावना से बचना चाहती है।
कोटा नगर निगम के कुल 100 वार्डों में भाजपा के 57 पार्षद, कांग्रेस के 39 और चार निर्दलीय पार्षद हैं। भाजपा ने महापौर पद के लिए वार्ड 98 की पार्षद अनुसुईया गोस्वामी को प्रत्याशी बनाया है, जबकि कांग्रेस ने वार्ड 17 की पार्षद सुनीता सुमन को मैदान में उतारा है। महापौर का चुनाव 25 सितंबर को होना है।
चित्तौड़गढ़ के होटल में रखे गए पार्षद
भाजपा ने अपने पार्षदों को शुक्रवार रात चित्तौड़गढ़ के एक होटल में शिफ्ट किया। शनिवार को उन्हें सांवरिया सेठ के दर्शन भी करवाए गए। इसके बाद होटल में ही भाजपा नेताओं और पार्षदों की बैठक हुई, जिसमें अनुसुईया गोस्वामी के नाम का प्रस्ताव रखा गया। पार्षदों ने हाथ उठाकर उनके नाम का समर्थन किया। बैठक में कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा, लाडपुरा विधायक कल्पना देवी और भाजपा शहर जिलाध्यक्ष राकेश जैन मौजूद रहे।
अनुसुईया बोलीं- पिकनिक मनाने जा रहे हैं
बाड़ेबंदी को लेकर मेयर प्रत्याशी अनुसुईया गोस्वामी ने इसे ‘पिकनिक’ बताया है। उन्होंने कहा कि पार्षद साथ में समय बिताने और घूमने जा रहे हैं। वहीं, उन्होंने दावा किया कि महापौर चुनाव में कांग्रेस के कुछ पार्षदों के वोट भी उन्हें मिलेंगे। यह उनका राजनीतिक दावा है, जिसकी पुष्टि मतदान के बाद ही हो सकेगी।
25 सितंबर को होगा मेयर चुनाव
कोटा में महापौर पद के लिए भाजपा की अनुसुईया गोस्वामी और कांग्रेस की सुनीता सुमन के बीच मुकाबला है। भाजपा ने अपने पार्षदों को उपमहापौर चुनाव तक बाड़ेबंदी में रखने की रणनीति बनाई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पार्टी ने बहुमत होने के बावजूद किसी भी तरह के राजनीतिक बदलाव की आशंका से बचने के लिए यह कदम उठाया है।
महापौर के चुनाव के बाद 26 सितंबर को उपमहापौर का चुनाव होना है। ऐसे में अगले दो दिन कोटा नगर निगम की राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेंगे।
