आनंद महिंद्रा ने की कोटा के चंबल रिवर फ्रंट की तारीफ: तस्वीरें देखकर बोले- पहले लगा AI से बनी हैं, शांति धारीवाल और आर्किटेक्ट अनूप बरतरिया को दिया क्रेडिट
महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन और उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने राजस्थान के कोटा स्थित चंबल रिवर फ्रंट की जमकर तारीफ की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने रिवर फ्रंट की तस्वीरें और वीडियो साझा करते हुए कहा कि पहली नजर में उन्हें लगा कि ये तस्वीरें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI से बनाई गई हैं। बाद में जब उन्होंने इसकी वास्तविकता की पुष्टि की तो वे हैरान रह गए।
आनंद महिंद्रा ने कोटा के चंबल रिवर फ्रंट को देखकर शहर की एक ऐसी तस्वीर सामने आने की बात कही, जिसके बारे में उन्हें पहले जानकारी नहीं थी। उन्होंने लिखा कि आमतौर पर कोटा का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में कोचिंग संस्थान और छात्रों पर पढ़ाई का दबाव आता है, लेकिन रिवर फ्रंट ने उन्हें शहर का बिल्कुल अलग रूप दिखाया।
2.75 किलोमीटर लंबा है रिवर फ्रंट
कोटा का चंबल रिवर फ्रंट चंबल नदी के दोनों किनारों पर करीब 2.75 किलोमीटर क्षेत्र में विकसित किया गया है। यह कोटा बैराज से नयापुरा पुलिया तक फैला हुआ है। राजस्थान पर्यटन विभाग के अनुसार यहां 26 घाट विकसित किए गए हैं और प्रत्येक घाट को अलग-अलग थीम पर तैयार किया गया है।
रिवर फ्रंट पर घाटों के अलावा खूबसूरत प्रोमेनेड, फव्वारे और बड़े सार्वजनिक स्थान भी विकसित किए गए हैं। वर्ल्ड हेरिटेज घाट पर दुनिया की प्रसिद्ध इमारतों और वास्तुकला से प्रेरित संरचनाएं बनाई गई हैं। यही विविधता इसे दूसरे पर्यटन स्थलों से अलग पहचान देती है।
शांति धारीवाल और अनूप बरतरिया की सराहना
आनंद महिंद्रा ने इस प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों को भी अपनी पोस्ट में श्रेय दिया। उन्होंने तत्कालीन राजस्थान के नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल, कोटा अर्बन इंप्रूवमेंट ट्रस्ट और आर्किटेक्ट अनूप बरतरिया का विशेष तौर पर उल्लेख किया। महिंद्रा ने कहा कि तस्वीरों को देखकर लगता है कि इस जगह को देश में और ज्यादा पहचान मिलनी चाहिए।
चंबल रिवर फ्रंट की डिजाइनिंग आर्किटेक्ट अनूप बरतरिया ने की है। परियोजना को लेकर पहले भी बरतरिया बता चुके हैं कि निर्माण के दौरान साइट पर नियमित निगरानी और तेजी से निर्णय लेने पर जोर दिया गया था।
कोटा को अपनी 'Wanderer List' में जोड़ा
आनंद महिंद्रा ने अपनी पोस्ट में चंबल रिवर फ्रंट की भव्यता पर आश्चर्य जताते हुए यह सवाल भी उठाया कि इतनी बड़ी परियोजना के बारे में ज्यादा लोगों को जानकारी क्यों नहीं है। उन्होंने कहा कि तस्वीरों के आधार पर यह जगह ज्यादा पहचान की हकदार है।
उन्होंने कोटा को अपनी निजी 'Wanderer List' में शामिल करने की बात कही। यानी अब कोटा उनके लिए केवल शिक्षा और कोचिंग के लिए जाना जाने वाला शहर नहीं, बल्कि घूमने और देखने लायक जगहों में भी शामिल हो गया है।
आनंद महिंद्रा की इस पोस्ट के बाद चंबल रिवर फ्रंट एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा में है। उनकी प्रतिक्रिया से कोटा के पर्यटन पक्ष को देशभर में नई चर्चा मिलने की संभावना है।
