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कोटा में मेयर चुनाव से पहले कांग्रेस पार्षद के क्लिनिक पर कार्रवाई, FIR दर्ज; सियाराम वर्मा ने उठाए सवाल

 
कोटा में मेयर चुनाव से पहले कांग्रेस पार्षद के क्लिनिक पर कार्रवाई, FIR दर्ज; सियाराम वर्मा ने उठाए सवाल

कोटा नगर निगम के मेयर चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस के वार्ड 42 के पार्षद सियाराम वर्मा के क्लिनिक पर चिकित्सा विभाग की कार्रवाई का मामला सामने आया है। बुधवार को बालिता रोड स्थित अंजलि हेल्थ केयर पहुंची चिकित्सा विभाग की टीम को क्लिनिक बंद मिला। टीम ने क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत नोटिस चस्पा किया। इसके कुछ देर बाद कुन्हाड़ी थाने में पार्षद के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब कोटा में मेयर पद का चुनाव 25 सितंबर को होना है।

जानकारी के अनुसार, चिकित्सा विभाग को 23 सितंबर को अंजलि हेल्थ केयर के खिलाफ शिकायत मिली थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि बालिता रोड पर बिना वैध डिग्री और रजिस्ट्रेशन के क्लिनिक संचालित किया जा रहा है। शिकायत के आधार पर विभाग की टीम जांच के लिए मौके पर पहुंची, लेकिन उस समय क्लिनिक बंद मिला। इसके बाद टीम ने वहां नोटिस चस्पा किया।

विभाग की ओर से क्लिनिक में बायोमेडिकल वेस्ट के उचित निस्तारण को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। वहीं पुलिस के अनुसार, कुन्हाड़ी थाने में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. चंद्रप्रकाश कलवार की लिखित शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

दूसरी ओर, कांग्रेस पार्षद सियाराम वर्मा ने कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि वह करीब 20 साल से क्लिनिक चला रहे हैं और उन्होंने नर्सिंग की पढ़ाई की है। उनके अनुसार, वह खुद मरीजों का इलाज नहीं करते, बल्कि डॉक्टर की पर्ची के आधार पर इंजेक्शन और ड्रिप लगाने जैसी सेवाएं उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि चुनाव परिणाम के बाद 14 सितंबर से क्लिनिक बंद था और उन्हें कार्रवाई की जानकारी पड़ोसियों से मिली।

सियाराम वर्मा ने इस कार्रवाई को लेकर कहा कि उन्हें दबाने की कोशिश की जा रही है और उन्होंने मेयर चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी को वोट देने की बात कही। यह उनका राजनीतिक आरोप है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं है।

कोटा नगर निगम के मेयर पद के लिए कांग्रेस ने सुनीता सुमन और भाजपा ने अनुसुईया गोस्वामी को उम्मीदवार बनाया है। मेयर का चुनाव 25 सितंबर को होना निर्धारित है। ऐसे में चुनाव से ठीक पहले हुई चिकित्सा विभाग की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।