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कोटा के रामगंजमंडी में आचार्य धीरेंद्र शास्त्री की श्रीराम कथा और गौ माता महोत्सव, प्रशासन पूरी तरह सतर्क

 
कोटा के रामगंजमंडी में आचार्य धीरेंद्र शास्त्री की श्रीराम कथा और गौ माता महोत्सव, प्रशासन पूरी तरह सतर्क

जिले के ग्रामीण क्षेत्र रामगंजमंडी में 23 से 25 जनवरी तक आयोजित होने वाली आचार्य धीरेंद्र शास्त्री की श्रीराम कथा एवं गौ माता महोत्सव को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस आयोजन में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

जानकारी के अनुसार, इस तीन दिवसीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में हजारों की संख्या में श्रद्धालु हिस्सा लेने आएंगे। इसे देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को बढ़ाया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि पार्किंग, प्रवेश और निकास मार्गों को व्यवस्थित किया जाएगा ताकि भीड़-भाड़ के बीच किसी तरह की दुर्घटना न हो।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन को भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं का भी प्रबंध करना चाहिए। साथ ही, उन्होंने निर्देश दिए कि कार्यक्रम स्थल पर आपातकालीन स्वास्थ्य केंद्र और एम्बुलेंस तैनात रहे।

स्थानीय पुलिस ने भी कहा कि कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा बल और आरएसी की टीम तैनात की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे आयोजनों में संयम बनाए रखें और पुलिस और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

गौ माता महोत्सव के दौरान पशु संरक्षण और उनकी देखभाल पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। आयोजकों ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य लोगों में धार्मिक चेतना और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देना है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े पैमाने पर होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों में प्रशासन का सतर्क रहना जरूरी है। इससे न केवल सुरक्षा सुनिश्चित होती है, बल्कि आयोजन का सुव्यवस्थित और सफल संचालन भी संभव होता है।

आयोजन समिति ने कहा कि वे प्रशासन के निर्देशों का पूरी तरह पालन करेंगे और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराएंगे।

रामगंजमंडी में आयोजित यह कथा और महोत्सव धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रबंधन और सुरक्षा योजनाओं को पूरी तरह लागू किया जाएगा।