कृषि लाइसेंस सत्यापन के लिए रिश्वत मांगने का आरोप, तत्कालीन संयुक्त निदेशक ACB के शिकंजे में; घूस नहीं देने पर लाइसेंस निरस्त करने की धमकी
बारां में कृषि विभाग से जुड़े एक मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने कार्रवाई करते हुए तत्कालीन कृषि संयुक्त निदेशक को पकड़ा था। आरोप है कि अधिकारी ने कृषि लाइसेंस के सत्यापन के लिए रिश्वत की मांग की थी। रिश्वत नहीं देने पर लाइसेंस निरस्त करने की धमकी दिए जाने की बात भी सामने आई है। ACB बारां की टीम ने ट्रैप कार्रवाई से पहले ही अधिकारी को पकड़ लिया था।
जानकारी के अनुसार मामला कृषि लाइसेंस के सत्यापन से जुड़ा हुआ है। शिकायतकर्ता को अपने लाइसेंस के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करवानी थी। इसी दौरान तत्कालीन कृषि संयुक्त निदेशक पर रिश्वत मांगने का आरोप लगा। शिकायत के मुताबिक अधिकारी ने सत्यापन के बदले पैसे की मांग की थी। रिश्वत नहीं देने पर लाइसेंस निरस्त करने की धमकी भी दी गई।
शिकायत मिलने के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो बारां की टीम ने मामले की जांच शुरू की। ACB की ओर से शिकायत का सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने से जुड़े तथ्यों की पुष्टि होने के बाद कार्रवाई की तैयारी की गई।
ACB की टीम ने ट्रैप कार्रवाई से पहले ही तत्कालीन कृषि संयुक्त निदेशक को पकड़ लिया। इस कार्रवाई के बाद कृषि विभाग में हड़कंप मच गया। अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार संबंधी प्रकरण में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।
मामले में रिश्वत की मांग, लाइसेंस सत्यापन और लाइसेंस निरस्त करने की धमकी जैसे आरोप सामने आए हैं। ACB की कार्रवाई के बाद अब जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि अधिकारी ने किस प्रक्रिया के तहत रिश्वत की मांग की थी और शिकायत से जुड़े अन्य तथ्यों की क्या स्थिति है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की ओर से सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी की शिकायतों पर कार्रवाई की जाती है। ऐसे मामलों में शिकायत का सत्यापन करने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। बारां के इस मामले में भी ACB की टीम ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई की।
फिलहाल मामले में आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है। अधिकारी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही पूरे प्रकरण की स्थिति स्पष्ट होगी। इस कार्रवाई से कृषि विभाग में लाइसेंस संबंधी कामकाज और अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
