Aapka Rajasthan
Kota का आरटीयू प्रशासन तलाश रहा संचालक, 2 करोड़ का कैफेटेरिया यूनिवर्सिटी काे इनकम दे रहा न स्टूडेंट के लिए सुविधा
 

कोटा न्यूज़ डेस्क, कितनी बार सरकारी धन की बर्बादी होती है, राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, आरटीयू में बना कैफेटेरिया इसका प्रमाण है। ढाई साल पहले परिसर में दो करोड़ रुपये की लागत से बना यह कैफेटेरिया न तो विश्वविद्यालय को आय प्रदान कर रहा है और न ही छात्रों को सुविधा प्रदान कर रहा है।

इसे चलाने वाला कोई नहीं मिल रहा है। इसे इसलिए बनाया गया था ताकि भविष्य के इंजीनियर यहां कुछ देर आराम कर सकें। दोपहर का भोजन-जलपान करें। हालांकि, आरटीयू प्रशासन लगातार एक ऑपरेटर खोजने की कोशिश कर रहा है। पीडब्ल्यूडी को किराया तय करने के लिए पत्र भेजा गया है। उसने किराया भी तय नहीं किया।

डेढ़ साल में बर्थडे पार्टी थी, तब से ताला लगा हुआ है।

करोड़ों रुपये की लागत से बने कैफेटेरिया का उपयोग छात्र अब तक नहीं कर पाए हैं। कोविड के समय तत्कालीन चांसलर के बेटे का जन्मदिन निश्चित रूप से यहां मनाया जाता था। तब से यह बेकार पड़ा है। आरटीयू की एबीवीपी इकाई के अध्यक्ष शिवम तिवारी का कहना है कि सरकार ने 2 करोड़ रुपये बर्बाद किए हैं, लेकिन न तो छात्रों को और न ही कर्मचारियों को इसका फायदा हुआ है। इसके संचालन को समायोजित किया जाना चाहिए।