Aapka Rajasthan

टोंक में महिलाओं के लिए 102 वार्ड आरक्षित, 315 वार्डों में 62 OBC और ST के लिए 10 सीटें रिजर्व; निकाय चुनाव की तैयारी तेज

 
टोंक में महिलाओं के लिए 102 वार्ड आरक्षित, 315 वार्डों में 62 OBC और ST के लिए 10 सीटें रिजर्व; निकाय चुनाव की तैयारी तेज

राजस्थान के टोंक जिले में निकाय चुनाव से पहले वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया पूरी हो गई है। जिले के 10 नगरीय निकायों के कुल 315 वार्डों का आरक्षण तय कर दिया गया है। आरक्षण सूची के अनुसार 102 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं, जबकि अन्य पिछड़ा वर्ग यानी OBC के लिए 62 सीटें निर्धारित की गई हैं। वहीं, अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लिए 10 वार्ड आरक्षित रखे गए हैं।

वार्ड आरक्षण की घोषणा के बाद जिले में चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। संभावित उम्मीदवार अब अपने-अपने वार्डों की स्थिति के अनुसार चुनावी रणनीति बनाने में जुट गए हैं।

10 निकायों के 315 वार्डों का हुआ आरक्षण

टोंक जिले के 10 नगरीय निकायों में कुल 315 वार्ड हैं। इन सभी वार्डों के लिए आरक्षण की प्रक्रिया नियमों के अनुसार पूरी की गई।

आरक्षण सूची जारी होने के बाद यह साफ हो गया है कि किस वार्ड से कौन-कौन से वर्ग के उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतर सकेंगे। इससे पुराने दावेदारों और नए चेहरों के बीच चुनावी मुकाबले की तस्वीर बदल गई है।

महिलाओं को मिला 102 वार्डों में प्रतिनिधित्व

निकाय चुनाव में महिला भागीदारी बढ़ाने के लिए जिले में 102 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें सामान्य महिला, OBC महिला, SC महिला और ST महिला वर्ग के वार्ड शामिल हैं।

महिला आरक्षण के बाद कई वार्डों में राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं। कई संभावित पुरुष उम्मीदवार अब अपने परिवार की महिला सदस्यों के लिए टिकट की संभावना तलाश रहे हैं।

OBC के लिए 62 सीटें आरक्षित

आरक्षण व्यवस्था के तहत टोंक जिले में OBC वर्ग के लिए 62 वार्ड आरक्षित किए गए हैं। इन वार्डों में OBC वर्ग के उम्मीदवार चुनाव लड़ सकेंगे।

राजनीतिक दल अब इन वार्डों में मजबूत उम्मीदवारों की तलाश में जुट गए हैं। स्थानीय स्तर पर दावेदारों ने जनसंपर्क भी बढ़ाना शुरू कर दिया है।

ST वर्ग के लिए 10 वार्ड रिजर्व

जिले के निकायों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 10 सीटें आरक्षित की गई हैं। इन सीटों पर ST वर्ग के उम्मीदवार चुनाव लड़ सकेंगे।

आरक्षण के बाद संबंधित क्षेत्रों में नए उम्मीदवारों के लिए अवसर बढ़े हैं। वहीं, राजनीतिक दलों के सामने इन सीटों पर जिताऊ प्रत्याशी चुनने की चुनौती होगी।

बदले चुनावी समीकरण

वार्ड आरक्षण के बाद कई पुराने पार्षदों और दावेदारों को अब नए वार्डों में संभावनाएं तलाशनी पड़ सकती हैं। वहीं, आरक्षित सीटों पर नए चेहरों को मौका मिलने की उम्मीद है।

निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। अब सभी की नजर टिकट वितरण और उम्मीदवारों की घोषणा पर रहेगी।

टोंक जिले में आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही चुनावी माहौल बनने लगा है। आने वाले दिनों में वार्ड स्तर पर राजनीतिक हलचल और बढ़ने की संभावना है।