Karoli में करंट से झुलसी महिला ने भी उपचार के दौरान तोड़ा दम
डेढ़ घंटे एबुलेंस का इंतजार, फिर निजी साधन से पहुंचे अस्पताल : मृतक महिला नीरज के परिजनों ने बताया कि डेढ़ घंटा एबुलेंस का इंतजार किया था, लेकिन उसे नहीं आने के बाद निजी वाहन से नीरज को लेकर करौली अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन वह बच नहीं सकी। परिजनों ने बताया कि यदि समय पर एबुलेंस मिल जाती तो संभावना थी कि नीरज बच जाती।
बालिका के सिर से उठा माता-पिता का साया : करंट से सोमवार को युवक सोनू बैरवा की मौत हो गई। दूसरे दिन मंगलवार को उसकी पत्नी नीरज की भी मौत हो गई। ऐसे में उनकी एक वर्षीय बालिका कारी के सिर से माता-पिता का साया उठ गया। बालिका के दादा रामकुमार बैरवा एवं चाचा मानसिंह ने बालिका कारी को गोद में उठाकर सोनू व नीरज का दाह संस्कार कराया।
एबुलेंस नहीं मिलने पर जताया रोष : घटना के बाद समय पर एबुलेंस नहीं मिलने पर लोगों ने रोष जताया। लोगों ने कहा कि समय पर एबुलेंस नहीं मिलती है। आरोप लगाया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर दो एबुलेंस खड़ी रहती है। लेकिन वे खटारा हैं। रख रखाव नहीं होने परेशानी होती रहती है। चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ राजबीर सिंह चौधरी एवं ब्लॉक मण्डरायल के बीसीएमएचओ डॉ महेश मीणा ने बताया कि कई बार जिला एबुलेंस संचालक को यूजलैस एबुलेंसों को बदलने एवं स्टॉफ बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
