Karoli के कई इलाकों में दो फीट तक भरा पानी, रास्ते बंद
करौली न्यूज़ डेस्क, करौली जिले में पिछले दो दिन से हो रही बारिश के कारण करौली शहर सहित कई स्थानों पर जल-भराव की समस्या के चलते क्षेत्रवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। करौली शहर के परकोटे के अंदर के हिस्से को बाहरी भाग से जोड़ने वाले गणेश गेट बग्गी खाना क्षेत्र, वजीरपुर दरवाजा बाहर रामद्वारा और होली खिड़कियां बाहर राधेश्याम फार्म हाउस के पास सड़क पर 1 से 2 फीट पानी भर गया। वहीं, लगातार हो रही बारिश के बाद गुरुवार को जिले के सबसे बड़े पांचना बांध के 3 गेट खोले गए हैं।
जल-भराव के चलते तीनों मार्ग बंद हो गए। इस दौरान आसपास के कई घरों में पानी भरने से खाने-पीने और रोजमर्रा का सामान भीग गया। सड़क पर जल-भराव के चलते रहागीर और वाहन सवारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बग्गी खाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग स्कूटी से सड़क पार करते समय गड्ढे में गिर गए। उन्हें सड़क पर जल-भराव के कारण गड्ढे नहीं दिखा और स्कूटी सहित उसमें गिर गए। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें समान सहित पानी से बाहर निकाला। तीन दरवाजा क्षेत्र निवासी चौथी सहित अन्य का आरोप है कि बारिश से जल भराव के कारण उन्हें रात जागते हुए गुजारनी पड़ी है। इस दौरान जल-भराव से प्रभावित क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बाद भी समाधान नहीं हुआ है। लोगों का आरोप है कि बीते दिनों जिला प्रभारी मंत्री के निर्देश के बाद जिला कलेक्टर ने भले ही क्षेत्र का दौरा किया हो, लेकिन समस्या से निजात नहीं मिली है।
तीन दरवाजा निवासी आलोक सहित अन्य का आरोप है कि 2016 में क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश के बाद तीन दरवाजा स्थित तालाब की पाल क्षतिग्रस्त हो गई थी। जिसके बाद उसकी मरम्मत नहीं कराई गई। तीन दरवाजा तालाब की पाल की मरम्मत नहीं कराने के कारण क्षेत्र में हर बारिश में जल भराव की समस्या झेलनी पड़ती है। तीन दरवाजा क्षेत्र में कई मंदिर भी जल भराव से पानी में डूब गए या रास्ता बंद होने के कारण पूजा बाधित हो रही है। गौरतलब है कि बुधवार सुबह 8 बजे से गुरुवार सुबह 8 बजे तक जिला मुख्यालय पर 120 एमएम और पांचना बांध पर 200 एमएम बारिश हुई है।
पांचना बांध के तीन गेट खोले
करौली में लगातार हो रही बारिश के बाद गुरुवार को जिले के सबसे बड़े पांचना बांध के 3 गेट खोले गए हैं। बांध के गेट नंबर 2, 4 और 6 खोलकर 4000 क्यूसेक पानी की निकासी की जाएगी। बांध की भराव क्षमता 258.62 मीटर है। बांध का जलस्तर 258.25 मी पहुंचने पर गेट खोलकर पानी की निकासी शुरू की गई। बांध के बहाव क्षेत्र में नदी किनारे रहने वाले लोगों को किनारे से दूर रहने की चेतावनी जारी की गई है।
