करौली न्यूज़ डेस्क, विधानसभा क्षेत्र के उपखंड मंडरायल के ग्रामीणों का एक शिष्टमंडल बुधवार को पूर्व ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री रमेश चंद मीणा के नेतृत्व में तहसीलदार कमल शर्मा से मिला एवं मुख्यमंत्री,मुख्य सचिव,राजस्व मंत्री व जिला कलेक्टर नीलाभ सक्सेना के नाम ज्ञापन देकर मंडरायल तहसील कार्यालय नवीन भवन में संचालित करने का ज्ञापन दिया। अन्यथा आंदोलन की चेतावनी दी गई।पूर्व जिला प्रमुख अभय कुमार मीणा,नगरपालिका उपाध्यक्ष अनीस खां,सरपंच टोले मीणा,दीपक शर्मा,केदार शर्मा , पूर्व सरपंच योगेश शर्मा आदि ने बताया कि मंडरायल तहसील कार्यालय के लिए राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2018-19 में बजट आवंटित किया गया था। जिसके लिए 1 करोड़ 93 लाख 74 हजार 23 रुपए की वित्तीय स्वीकृति जारी हुई। जिसकी कार्यकारी एजेंसी द्वारा भवन निर्माण का कार्य पूर्ण कर दिया गया। जिसको सानिवि ने तहसीलदार को 30 अगस्त 2024 को सुपुर्द कर दिया गया। जिसको दो माह गुजर चुके हैं, लेकिन कुछ दलालों,भूमाफियाओं ने राजनीति संरक्षण से तहसील कार्यालय को नवीन भवन तहसील कार्यालय में संचालित नहीं करने का अधिकारियों पर दबाब डाल रहे हैं। जिन्होंने अपने निजी स्वार्थ के कारण एनजीटी द्वारा स्थगन आदेश जारी होना बताया जा रहा है।
जबकि इस प्रकार का कोई स्थगन आदेश नहीं है। क्योंकि नवीन तहसील कार्यालय आवंटित खसरा नं. 1/1 में निर्मित है। उसके पास में पंचायत समिति के नवीन भवन 3 साल से संचालित है। जलदाय विभाग की चार बोरबेल भी स्थापित है। दूसरी ओर सानिवि के सहायक अभियंता कार्यालय का निर्माण के साथ कॉलेज भी संचालित है। पुराना तहसील कार्यालय भवन जीर्ण शीर्ण अवस्था में होने से दुर्घटना की संभावना बनी हुई है एवं बारिश के दिनों में कम्प्यूटर व रिकॉर्ड खराब हो जाते है। लोगों को स्थान के अभाव में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शिष्टमंडल ने जन भावना के अनुसार नवीन तहसील भवन में कार्यालय संचालित करने की मांग की है। अन्यथा आंदोलन की चेतावनी दी है। इस दौरान दर्जनों जनप्रतिनिधियों के साथ सैकडों ग्रामीण व कांग्रेस कार्यकर्ता व पंच-पटेल उपस्थित थे। तहसीलदार को ज्ञापन देते पूर्व मंत्री रमेश चंद मीणा।