राजस्थान के वन्यजीव अभयारण्यों में बसे गांवों को मिलेगा नया जीवन, सरकार जल्द लाएगी विस्थापन के लिए बड़ा पैकेज
राजस्थान के वन्यजीव अभ्यारण्यों में स्थित गांवों से ग्रामीणों के विस्थापन के लिए राज्य सरकार जल्द ही नया पैकेज जारी करेगी। इसके लिए मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के अनुरूप राज्य के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक हो चुकी है और पुराने पैकेज की जगह नया पैकेज आएगा, जिसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। विस्थापन प्रक्रिया पूरी होने पर आमजन की सुरक्षा के साथ ही वन्यजीव और वन क्षेत्र भी सुरक्षित रहेंगे।
वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत शनिवार को जिले के जीतकीपुर (गुढ़ाचन्द्रजी) आए वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा ने यह बात कही। पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में मंत्री शर्मा ने कहा कि राज्य के अभ्यारण्यों में बाघों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।हालांकि, हाल के दिनों में बाघों के इंसानों पर बढ़ते हमलों और रणथंभौर अभ्यारण्य में तीन लोगों की मौत पर मंत्री ने दुख जताया। उन्होंने कहा कि ये दुखद घटनाएं हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। कई गांव रणथंभौर, सरिस्का, धौलपुर-करौली, कैलादेवी आदि वन्यजीव अभ्यारण्यों में बसे हैं।
हालांकि जंगल में बसे गांवों के ग्रामीण वहां से हटना तो चाहते हैं, लेकिन वे पुराने पैकेज पर राजी नहीं हो रहे हैं। कई जगह ग्रामीणों ने पैकेज के कारण विस्थापन में असमर्थता जताई है। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में बजट घोषणा की थी, जिसके बाद मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक हो चुकी है। अब पुराने पैकेज के स्थान पर नया पैकेज जारी किया जाएगा, जो निश्चित रूप से अच्छा रहेगा। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। मंत्री ने कहा कि विस्थापन होने पर संघर्ष की स्थिति को काफी हद तक टाला जा सकता है। इससे आमजन के साथ वन्यजीव और वन क्षेत्र सुरक्षित रहेंगे। इस अवसर पर बाघों की बढ़ती संख्या के बीच कैलादेवी अभयारण्य को विकसित करने के सवाल पर वन मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि आप बहुत भाग्यशाली हैं।
धौलपुर-करौली, कैलादेवी अभयारण्य क्षेत्र में बाघों की संख्या तेजी से बढ़ी है। करौली को भगवान मदन मोहन जी और कैला माता के नाम से जाना जाता है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को आने वाले समय में बाघों को देखने का भी मौका मिलेगा। मंत्री ने कहा कि मेरा मानना है कि आने वाले समय में करौली पर्यटन की दृष्टि से भारत के मानचित्र पर स्थापित हो जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से लगातार मॉनिटरिंग और ट्रैकिंग की जा रही है।
