रणथंभौर में फिर बढ़ा बाघों का कुनबा! बाघिन RBT-135 ने दो शावकों को दिया जन्म, कैमरा ट्रैप में पहली बार नजर आए नन्हे शिकारी
रणथम्भौर टाइगर रिजर्व-II में संकेत मिले हैं कि बाघिन RBT-135 ने एक बार फिर शावकों को जन्म दिया है। फील्ड ट्रैकिंग और कैमरा मॉनिटरिंग के अनुसार 16 मई 2025 को एक नया शावक कैमरों में कैद हुआ था। इसके बाद 29 मई 2025 को एक और शावक की तस्वीर कैमरों में स्पष्ट रूप से प्राप्त हुई है। यह जानकारी न केवल रणथम्भौर टाइगर रिजर्व-II की प्रजनन सफलता को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि यहां का वातावरण बाघों के संरक्षण और वृद्धि के लिए अनुकूल बना हुआ है। वर्ष 2024 से 2025 के बीच रिजर्व में बाघों की कुल संख्या 5 से बढ़कर 10 हो गई है, जो वन विभाग और संरक्षण कार्य की बड़ी उपलब्धि है।
बाघिन RBT-135 को वर्ष 2022 से ट्रैक किया जा रहा है। रणथम्भौर टाइगर रिजर्व-II (RTR-II, करौली) के अंतर्गत आने वाली रेंज नैनियाकी वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण क्षेत्र है। जून-जुलाई 2022 से इस क्षेत्र में बाघिन आरबीटी-135 का मूवमेंट लगातार दर्ज किया जा रहा है। सितंबर 2023 में इस बाघिन ने दो शावकों को जन्म दिया, जो 15 अक्टूबर 2023 को पहली बार ट्रैप कैमरों में कैद हुए।
घूम रहे हैं नर और मादा शावक
ये शावक नर आरबीटी-2503 और मादा आरबीटी-2502 अब अलग-अलग क्षेत्रों में घूम रहे हैं। आरबीटी-2503 को जहां रेंज नैनियाकी में नियमित रूप से देखा जा रहा है, वहीं आरबीटी-2502 का मूवमेंट रणथंभौर टाइगर रिजर्व-1 के तालेरा रेंज में दर्ज किया गया है।
नए शावकों का पिता हो सकता है नर बाघ आरबीटी-80
रेंज नैनियाकी क्षेत्र में नर बाघ आरबीटी-80 का मूवमेंट भी नियमित रूप से दर्ज किया जा रहा है। इस आधार पर नए शावकों के संभावित पिता को आरबीटी-80 से जोड़ा जा रहा है। यह घटनाक्रम इस बात का प्रमाण है कि रिजर्व में बाघों का प्राकृतिक प्रजनन सफलतापूर्वक हो रहा है। वन विभाग की टीमें लगातार फील्ड मॉनिटरिंग, ट्रैप कैमरा विश्लेषण और सुरक्षा गतिविधियों में जुटी हुई हैं, ताकि इस संवेदनशील वन्यजीव क्षेत्र में शावकों की सुरक्षा, विकास और जैव विविधता को बरकरार रखा जा सके।
