राजस्थान का मिट्टी वाला यह बांध बना चर्चा का विषय! लगातार 8 दिन से बह रहा है पानी, तीसरी बार खुले गेट
इस मानसून सीजन में जल निकासी के लिए पांचना बांध के गेट तीन बार खोलने पड़े। पहली बार 9 जुलाई की शाम को दो गेट खोलकर जल निकासी शुरू की गई थी। 10 जुलाई को दोपहर डेढ़ बजे बांध में पानी की आवक थमने पर गेट बंद कर दिए गए, लेकिन उसी दिन रात करीब 9 बजे बांध में पानी फिर बढ़ गया तो दो गेट खोलकर 11 जुलाई की सुबह तक गंभीर नदी में पानी की निकासी की गई।
इसके बाद वर्तमान में 13 जुलाई से बांध में पानी की आवक जारी है, जिसके चलते पिछले आठ दिनों से बांध के गेट खोलकर गंभीर नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। इस बीच कभी एक, कभी दो और 18 जुलाई की रात को तीन व चार गेट खोलकर पानी की निकासी की गई। हालांकि 19 जुलाई को सुबह दो गेट बंद कर दिए गए, जबकि दो गेट से रविवार शाम तक जल निकासी जारी रही। इस दौरान कभी कम तो कभी ज़्यादा पानी की निकासी हुई है। रविवार शाम 5 बजे तक बांध से 1540 एमसीएम पानी की निकासी हो चुकी थी।
अजान बांध से पानी पहुँचा
पांचना बांध से छोड़ा गया पानी सबसे पहले गंभीर नदी में जाता है। गंभीर नदी से होते हुए यह भरतपुर जिले के अजान बांध पहुँचता है, जहाँ से घना के लिए पानी छोड़ा जाता है। पांचना बांध से पानी अजान बांध पहुँच गया है। इसके बाद शनिवार रात डाकन मोरी के रास्ते यह पानी घना पहुँचाया गया।
इनका कहना है
करौली जिले पर मानसून काफी मेहरबान रहा है। पांचना बांध में पानी की आवक बनी रही, जिसके चलते लगातार गेट खोलकर पानी की निकासी करनी पड़ी। अब तक लगभग 1540 एमसीएम पानी गंभीर नदी में पहुँचा है। यह पानी भरतपुर के केवलादेव राष्ट्रीय पक्षी अभयारण्य (घना) तक पहुँच गया है। पिछले साल भी घना तक पानी पहुँचा था।
