करौली जिला कारागृह का औचक निरीक्षण, सुरक्षा और व्यवस्थाओं का लिया जायजा
जिले के जिला कारागृह में शुक्रवार को डीएसपी अनुज शुभम और एसडीएम प्रेमराज मीना ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कारागृह की सुरक्षा, बंदियों की स्थिति और व्यवस्थाओं का विस्तृत रूप से जायजा लिया गया।
कारागृह में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए करौली कोतवाली, करौली सदर थाना और लांगरा थाना पुलिस के जाब्ते को मौके पर तैनात किया गया। अधिकारियों ने देखा कि बंदियों की निगरानी, रात्रि सुरक्षा और दैनिक व्यवस्थाएं सुचारु रूप से चल रही हैं या नहीं।
डीएसपी अनुज शुभम ने कहा कि “कारागृह में सुरक्षा और बंदियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। औचक निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि व्यवस्थाओं में कोई कमी न रहे और सभी नियमों का पालन हो रहा हो।” उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं और सफाई व्यवस्था नियमित रूप से चेक की जाए।
एसडीएम प्रेमराज मीना ने कहा कि “जिला कारागृह में बंदियों के अधिकारों और सुविधाओं का ध्यान रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों को नियमित रूप से सुरक्षा तंत्र और बंदियों के रिकॉर्ड की समीक्षा करनी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कैदियों के रजिस्टर, प्रवेश-पत्र, फर्जी दस्तावेज और संभावित सुरक्षा खामियों की भी जांच की। इसके अलावा, बंदियों की स्वास्थ्य, सफाई और अनुशासन की स्थिति पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने बताया कि औचक निरीक्षण के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि कारागृह में किसी प्रकार का अनुशासनहीन या अव्यवस्थित कार्य न हो। इससे न केवल बंदियों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है बल्कि कारागृह कर्मचारियों में भी अनुशासन और सतर्कता बनी रहती है।
पुलिस प्रशासन ने जनता से अपील की कि यदि किसी बंदी या कारागृह में किसी प्रकार की अनियमितता का संदेह हो तो वह तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।
इस निरीक्षण से यह संदेश भी गया कि करौली जिला प्रशासन और पुलिस विभाग दोनों कारागृह की व्यवस्थाओं को लेकर पूरी तरह सजग और तत्पर हैं।
