करौली में अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर संगोष्ठी, ‘युवा मन एवं मानसिक स्वास्थ्य’ पर हुई चर्चा
अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर करौली के स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल में ‘युवा मन एवं मानसिक स्वास्थ्य’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य, तनाव, सकारात्मक सोच और बदलती जीवनशैली के बीच संतुलन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। संगोष्ठी का उद्देश्य युवाओं को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और उन्हें अपनी भावनाओं तथा तनाव को समझने के लिए प्रेरित करना रहा।
मानसिक स्वास्थ्य को लेकर किया जागरूक
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में पढ़ाई, करियर, प्रतियोगी परीक्षाओं और सामाजिक दबाव के कारण युवाओं पर मानसिक तनाव बढ़ रहा है। ऐसे में मानसिक स्वास्थ्य को शारीरिक स्वास्थ्य की तरह ही प्राथमिकता देना जरूरी है।युवाओं को अपनी परेशानियों को मन में दबाने के बजाय परिवार, शिक्षक या भरोसेमंद लोगों के साथ साझा करने के लिए प्रेरित किया गया।
सकारात्मक सोच पर दिया जोर
संगोष्ठी में युवाओं को सकारात्मक सोच अपनाने और असफलताओं से निराश न होने का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि जीवन में आने वाली चुनौतियां युवाओं को मजबूत बनाने का अवसर भी देती हैं।उन्होंने नियमित दिनचर्या, पर्याप्त नींद, शारीरिक गतिविधियों और स्वस्थ सामाजिक संबंधों को मानसिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण बताया।
छात्रों ने भी रखे विचार
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर अपने विचार और सवाल रखे। विशेषज्ञों और वक्ताओं ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें तनाव से निपटने के व्यावहारिक तरीके बताए।संगोष्ठी में युवाओं को अपनी भावनाओं को समझने और जरूरत पड़ने पर मदद लेने के लिए जागरूक किया गया।
युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण
कार्यक्रम में कहा गया कि देश के विकास में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। स्वस्थ और जागरूक युवा ही समाज को सकारात्मक दिशा दे सकते हैं। इसके लिए युवाओं का शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना जरूरी है।अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर करौली के स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल में आयोजित संगोष्ठी में युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा हुई। विद्यार्थियों को तनाव से बचने, सकारात्मक सोच रखने और जरूरत पड़ने पर अपनी समस्याएं साझा करने के लिए प्रेरित किया गया।
