Aapka Rajasthan

बीसलपुर डेम में तेजी से बढ़ रहा जलस्तर! त्रिवेणी नदी से आया पानी के बाद छलक सकता है बांध, इस बार बनेगा नया रिकॉर्ड

 
बीसलपुर डेम में तेजी से बढ़ रहा जलस्तर! त्रिवेणी नदी से आया पानी के बाद छलक सकता है बांध, इस बार बनेगा नया रिकॉर्ड 

जयपुर की लाइफलाइन बीसलपुर बांध के कैचमेंट एरिया में हो रही बारिश का असर अब दिखने लगा है। बांध को पानी सप्लाई करने वाली मुख्य त्रिवेणी नदी में उफान आ गया है, जिससे बीसलपुर में पानी की आवक शुरू हो गई है। जल संसाधन विभाग के अनुसार सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक 24 घंटे में बांध के जलस्तर में 3 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस तरह पिछले चार दिनों में कुल 5 सेंटीमीटर पानी की आवक हुई है।

अब बांध 3 मीटर खाली
मंगलवार सुबह बांध का जलस्तर 312.50 आरएल मीटर दर्ज किया गया। अधिकारियों के अनुसार भीलवाड़ा क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण त्रिवेणी नदी में प्रवाह बढ़ गया है, जिससे बीसलपुर में पानी पहुंचने लगा है। गौरतलब है कि बीसलपुर बांध जयपुर, अजमेर और टोंक की एक करोड़ से ज्यादा आबादी को पेयजल सप्लाई करता है। बीसलपुर बांध, पत्रिका फोटो

त्रिवेणी में 2.40 मीटर बहाव
बांध में मुख्य रूप से खारी, दाई और बनास नदियों से पानी आता है। तीनों नदियों के संगम पर पानी का बहाव फिलहाल 2.40 मीटर दर्ज किया गया है, जिससे बांध में पानी की आवक भी तेजी से बढ़ रही है। आने वाले दिनों में भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ जिलों में बंपर बारिश होने पर बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।

तो बांध लगातार दूसरे साल भी ओवरफ्लो होगा
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार बांध बनने के बाद से अब तक 7 बार ओवरफ्लो हो चुका है। पिछले साल भी बांध में पानी की बंपर आवक हुई थी और पानी निकालने के लिए बांध के सभी 18 गेट खोले गए थे। माना जा रहा है कि इस साल भी बांध ओवरफ्लो होकर नया रिकॉर्ड बनाएगा।

फैक्ट फाइल बीसलपुर बांध परियोजना
- बांध की आधारशिला 1985 में रखी गई थी
- बांध का निर्माण 1987 में शुरू हुआ था
- बांध 1996 में बनकर तैयार हुआ था
- लागत 832 करोड़ रुपये आई
- पानी भरने की क्षमता 315.50 आरएल मीटर, कुल पानी भरने की क्षमता 38.708 टीएमसी पानी भरा
- बांध अब तक सात बार ओवरफ्लो हो चुका है
- निर्माण के बाद पहली बार 2004 में गेट खोले गए
- बांध दूसरी बार 2006 में ओवरफ्लो हुआ
- तीसरी बार 2014 में गेट खोले गए
- 2016 में भी बांध के गेट खोले गए
- 2019 में बांध के 17 गेट खोले गए
- 2022 में भी बांध ओवरफ्लो हुआ
- 2024 में इस बार सातवीं बार बांध ओवरफ्लो हुआ