कैला देवी लक्खी मेले में मालामाल हुई राजस्थान रोडवेज, पहली बार इतने करोड़ के पार पहुंचा मुनाफा
राजस्थान के करौली जिले में स्थित प्रसिद्ध कैलादेवी माता का 17 दिवसीय मेला संपन्न हो गया है। आस्था और भक्ति के अद्भुत संगम के रूप में यह मेला इस बार भी लाखों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करने में सफल रहा है। मेले में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने से राजस्थान रोडवेज को फायदा हुआ है। देवी मां के भक्तों को आस्था की डगर पर यात्रा कराकर रोडवेज प्रबंधन ने यात्री किराये से 6 करोड़ 14 लाख रुपए की कमाई की है। खास बात यह है कि कैलादेवी में मेले में पहली बार रोडवेज ने 6 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार किया है।
50 से 55 लाख श्रद्धालुओं ने किए माता कैलादेवी के दर्शन
अनुमान के अनुसार उत्तर भारत के इस विशाल मेले में 50 से 55 लाख श्रद्धालुओं ने माता कैलादेवी के दर्शन कर मां के चरणों में अपनी मनोकामनाएं अर्पित कीं। वहीं, दूर-दराज के क्षेत्रों से मेले में आए लोगों ने राजस्थान रोडवेज से यात्रा कर लाभ कमाया है।
राजस्थान रोडवेज ने कमाया 6.5 करोड़ रुपए का मुनाफा
दरअसल, केलादेवी मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए राजस्थान रोडवेज विभाग ने भी विशेष इंतजाम किए थे। इस मौके पर राजस्थान रोडवेज विभाग के प्रभारी शिवदयाल शर्मा ने बताया कि इस बार विभाग ने श्रद्धालुओं को किराए में 50 प्रतिशत की छूट दी थी। इसके बावजूद रोडवेज को इस मेले में 6.5 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय हुई है, जो विभाग के लिए अच्छी खबर है।
मेले में 339 बसों का संचालन किया गया
रोडवेज निगम सूत्रों के अनुसार, केलादेवी के लक्खी मेले में प्रदेश के 45 डिपो से मंगवाई गई 339 बसों का संचालन किया गया। सबसे ज्यादा 108 बसें आगरा से संचालित की गईं। वहीं, धौलपुर, बाड़ी, हिंडौन रेलवे स्टेशन, करौली, गंगापुर सिटी, हिंडौन सिटी, मेहंदीपुर बालाजी और झील देवी केलादेवी के लिए बसें चलाई गईं।
मेले में श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। आपको बता दें कि स्थानीय प्रशासन ने मेले के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए सुरक्षा, साफ-सफाई व अन्य जरूरी व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह शिविर लगाए गए, पेयजल की व्यवस्था की गई और चिकित्सा सहायता के लिए टीमें तैनात की गईं।
