राजस्थान स्कूलों के लिए घोषित हुआ शैक्षणिक कैलेंडर, पढ़िए प्रवेश की अंतिम तारीख से शीतकालीन अवकाश तक की पूरी डिटेल
शिक्षा विभाग ने नए सत्र की शुरुआत से पहले प्रदेश के स्कूलों के लिए पूरे शैक्षणिक वर्ष का शिविरा पंचांग जारी कर दिया है। इस पंचांग में पूरे वर्ष की छुट्टियों, परीक्षाओं व अन्य शैक्षणिक गतिविधियों का ब्यौरा दिया गया है। खास बात यह है कि इस बार शीतकालीन अवकाश की तिथि पहले ही तय कर दी गई है, ताकि पिछले सत्र की तरह असमंजस की स्थिति न रहे। पिछले सत्र में शीतकालीन अवकाश को लेकर असमंजस की स्थिति तब बनी थी, जब शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा था कि सर्दी की तीव्रता के अनुसार ही छुट्टियां तय की जाएंगी। इससे स्कूलों में असमंजस की स्थिति बन गई थी और सभी को अवकाश की अंतिम घोषणा का इंतजार करने में परेशानी हुई थी। हालांकि, आखिरकार छुट्टियां पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक ही रहीं। अब नए सत्र के लिए घोषित पंचांग में स्पष्ट कर दिया गया है कि इस बार भी शीतकालीन अवकाश 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक ही रहेगा।
शिवरा पंचांग जारी: स्कूलों में 235 दिन पढ़ाई होगी, 12 दिन का मध्यावकाश रहेगा
शिक्षा विभाग ने रविवार को शिक्षा सत्र 2025-26 के लिए शिविरा पंचांग जारी कर दिया है। शिक्षा सत्र शुरू होने से ठीक दो दिन पहले पंचांग जारी किया गया है। जबकि पिछले शिक्षा सत्र में शिविरा पंचांग करीब एक महीने बाद जारी किया गया था। पंचांग के अनुसार इस बार जुलाई से 16 मई तक शिक्षा सत्र में 235 दिन स्कूल खुले रहेंगे। जबकि 39 तरह के त्योहार मनाए जाएंगे। कुल 46 सार्वजनिक अवकाश और 52 रविवार को स्कूल नहीं खुलेंगे। वहीं, 16 अक्टूबर से 27 अक्टूबर तक मध्यावकाश रहेगा। शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने बताया कि आगामी शैक्षणिक सत्र 2025-26 एक जुलाई 2025 से 30 जून 2026 तक होगा। एक जुलाई से शिक्षण कार्य और विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति शुरू हो जाएगी। वहीं, 12 से 24 दिसंबर तक अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। इसके बाद शीतकालीन अवकाश शुरू हो जाएंगे।
प्रवेश की अंतिम तिथि 31 जुलाई तक
शिविरा पंचांग के अनुसार कक्षा 9 से 12 तक प्रवेश की अंतिम तिथि 31 जुलाई रहेगी। प्रवेशोत्सव का पहला चरण एक से 16 जुलाई तक होगा। शीतकालीन अवकाश 25 दिसंबर 2025 से 5 जनवरी 2026 तक रहेगा। जबकि ग्रीष्मकालीन अवकाश 17 मई से 30 जून तक रहेगा। वार्षिक परीक्षा और बोर्ड परीक्षा में अंतिम परीक्षा के बाद विद्यार्थियों को अगली कक्षा में अस्थाई प्रवेश दिया जाएगा। विद्यालयों में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा घोषित सभी अवकाश मान्य होंगे। शिविरा पंचांग में निर्धारित अवधि में ही सत्र के प्रारंभ एवं समापन का संस्था प्रधान का टॉक शो आयोजित किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा संशोधित प्रावधान के अनुसार कक्षा एक में प्रवेश के समय विद्यार्थी की आयु 6 वर्ष या अधिक परंतु 7 वर्ष से कम निर्धारित की गई है।
प्रार्थना सभा के लिए समय निर्धारित
प्रार्थना सभा कार्यक्रम के लिए 25 मिनट का समय निर्धारित किया गया है। इस दौरान राष्ट्रगान, प्रार्थना, योगाभ्यास, सूर्य नमस्कार एवं प्राणायाम जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
मासिक कार्य दिवस इस प्रकार रहेंगे
जुलाई में 27 दिन, अगस्त में 23, सितम्बर में 22, अक्टूबर में 16, नवम्बर में 24, दिसम्बर में 21, जनवरी में 22, फरवरी में 24, मार्च में 20, अप्रैल में 23, मई में 13 दिन। शिक्षा विभाग निदेशक सीताराम जाट ने बताया कि शिविरा पंचांग के अनुसार ही सभी गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इसके लिए सभी जिला शिक्षा अधिकारी एवं संयुक्त निदेशकों को निर्देश दिए गए हैं। कार्यक्रम को यथासम्भव समय पर पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
