Karoli सरसों की फसल पर कीटों का हमला, दोबारा जुताई कर रहे किसान
करौली न्यूज़ डेस्क, माड़ क्षेत्र के गांवों में विगत दिनों बोई गई सरसों की फसल में कटा कीट लगने से किसानों पर अब दोहरी मार पड़ गई है। एक तो बीज खराब हो गया, दूसरी जमीन की जुताई बेकार हो गई। इसके चलते किसान फिर से जुताई कर बुवाई कर रहे हैं। जिन किसानों के पास पर्याप्त पानी उपलब्ध है, वे 10-15 दिन पूर्व बोई फसल में कीट से बचाव के लिए समय से पूर्व ही फव्वारा से सिंचाई कर रहे है। कस्बा शहर, कैमा, ल्हावद, सोप आदि गांवों के गोपाल मीना, गिर्राज पटेल, बत्तीलाल सैनी, हरिचरण ल्हावद, रामचरण पटेल आदि किसानों ने बताया कि पहले अतिवृष्टि ने खरीफ फसल में नुकसान किया। बारिश रुकने के बाद किसानों ने खेतों की जुताई के साथ अक्टूबर माह में सरसों की बुवाई की, लेकिन बोई गई सरसों की फसल को कटा कीट काट कर नष्ट कर रहा है। उन्होंने बताया कि कीट ने अनेक खेतों में फसल को काट कर नुकसान पहुंचाया है।
किसान ऐसे खेतों की पुन: जुताई कर बुवाई कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में खेतों में नमी भी कम पड़ गई है। माड़ क्षेत्र में किसानों के पास अधिक जमीन होने की वजह से सरसों की बुवाई करना उनकी मजबूरी है। सरसों की बुवाई का समय तो निकल गया है, अब तो पछैती सरसों की बुवाई की जा रही है। उसमें चेंपा आदि रोग लगने की आशंका रहती है। किसानों ने बताया कि उन्होंने महंगा डीएपी आदि रासायनिक खाद के साथ हाईब्रिड सरसों की बुवाई की। इस सम्बन्ध में सहायक कृषि अधिकारी लखन लाल मीना ने बताया कि इस बार लंबे समय तक अधिक बारिश का दौर जारी रहने के कारण पेंटेड बग कटा कीट का प्रकोप दिख रहा है। उन्होंने बताया कि जिन खेतों में पेंटेडबग का प्रकोप है वे किसान शाम के समय हवा के रूप के अनुरूप क्यूनालफास 1.5 प्रतिशत या फेनवेलरेट 0.4 प्रतिशत , फेनवीर 5-6 किलो / प्रति बीघा के हिसाब से बुरकाव करें। वर्तमान में जुताई किए जा रहे खेतों में गेंहू या जौ की बुवाई करें।
