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Karoli जिला अस्पताल में भर्ती मरीज झेल रहे हैं कुव्यवस्था का दर्द

 
Karoli जिला अस्पताल में भर्ती मरीज झेल रहे हैं कुव्यवस्था का दर्द

करौली न्यूज़ डेस्क, करौली कड़ाके की सर्दी के बीच यहां जिला चिकित्सालय के वार्डों में टूटे दरवाजे और खिड़किया रोगियों का दर्द बढ़ा रही है। गलन और शीतलहर के बीच पुरुष और महिला वार्ड में खिड़कियां और दरवाजे टूटे पड़े हैं। ऐसे में भर्ती मरीजों को मर्ज के साथ अव्यवस्थाओं का दर्द भी झेलना पड़ रहा है। वार्डों, बरामदों और गलियारों की खिड़कियां और किवाड़ टूटे होने से तीमारदारों को भी खासी परेशानी हो रही है। दूसरी ओर अस्पताल प्रबंधन का आलम यह है कि कमियों पर पर्दा डालने के लिए टूटी खिड़कियों को गत्ते लगाकर ढंक रखा है। इनके अलावा शौचालय के किवाड़ भी टूटे पड़े हैं। गौरतलब है कि जिले में एक सप्ताह से मावठ का जोर होने के साथ शीतलहर से लोगों का जनजीवन खासा प्रभावित हो रहा है वहीं अस्पताल प्रबंधन को मरीजों की समस्या से कोई सरोकार नहीं है। जिला अस्पताल के फीमेल मेडिकल वार्ड प्रथम में कई स्थान पर खिड़कियों से शीशे गायब हैं। ऐसे में सर्द हवा से मरीजों का हाल बेहाल है। फीमेल मेडिकल वार्ड द्वितीय और तृतीय सहित फीमेल सर्जिकल वार्ड के भी कमोबेश यही हालात हैं। यहां भी कई खिड़कियां टूटी हैं तो कई खिड़कियों में जंग लगने से वे ठीक तरह से बंद भी नहीं हो पाती।

मेल मेडिकल वार्ड में भी व्यवस्थाओं को ग्रहण लगा हुआ हैं। यहां खिड़कियों के साथ दरवाजे भी टूटे हुए हैं। पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड का भी यही हाल है। हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने क्षतिग्रस्त खिड़कियों के स्थान पर गत्ते लगाकर शीतलहर से बचाव के प्रबंध तथा कमियों पर पैबंद लगा रखा है। फीमेल और मेल मेडिकल वार्ड में शौचालय के दरवाजे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। ऐसे में मरीज के साथ आए परिजन को शौचालय के बाहर पहरेदारी के लिए खड़ा होना पड़ता है। ज्यादा परेशानी महिलाओं को हो रही है। मरीजों की परेशानी यही खत्म नहीं होती। वार्डों के बाहर बरामदे और गलियारे में भी कई खिड़कियों से शीशे गायब हो चुके हैं। ऐसे में हाड कंपाती सर्दी में मरीज और तीमारदारों को इलाज कराने में परेशानी हो रही है। फीमेल सर्जिकल वार्ड की बात करें तो यहां गलियारे की अधिकांश खिड़कियां टूटी हैं तथा शीशे नहीं होने से सर्द हवा से परिजन ठिठुरते नजर आते हैं। आईसीयू वार्ड के बाहर गलियारे में भी खिड़कियां टूटी होने से मरीज और उनके परिजनों को मौसम की मार झेलनी पड़ रही है। वार्ड के बाहर शौचालय पर ताला लगा होने से परिजनों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।