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Karoli रोडवेज बसों की कमी, लोगों को अवैध वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा

 
Karoli  रोडवेज बसों की कमी, लोगों को अवैध वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा
करौली न्यूज़ डेस्क, करौली उत्तरभारत प्रसिद्ध कैलादेवी आस्थाधाम के लिए करौली जिला मुयालय से रोडवेज बसों का टोटा बना हुआ है। इसके चलते दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुओं को आस्थाधाम तक पहुंचने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में अनेक यात्रियों को तो डग्गेमार वाहनों से भी आस्थाधाम तक पहुंचना पड़ता है। करौली जिला मुयालय से कैलादेवी आस्थाधाम की दूरी करीब 23 किलोमीटर है, जहां तक पहुंचने के लिए दिनभर में करीब एक दर्जन बसों का संचालन होता है। इनमें भी विशेष रूप से धौलपुर डिपो की रोडवेज बसें ही शामिल हैं। रोडवेज सूत्रों के अनुसार सुबह के समय तो यात्रियों को प्रति आधा घंटे में बस मिल जाती हैं, लेकिन दोपहर में बसों का टोटा होने से उन्हें परेशानी होती है। सूत्र बताते हैं कि रोडवेज बस स्टैण्ड से सुबह 10.45 बजे के बाद कैलादेवी के लिए दोपहर में 1.15 बजे हैं। इस अवधि में बड़ी संया में यात्रियों की भीड़ जुट जाती है। वहीं इसके बाद शाम 4.30 बजे हैं और इसके बाद शाम 7 बजे बस रवाना होती है, लेकिन बीच में लबा अंतराल होने के कारण यात्री साधनों के लिए भटकते फिरते हैं। ऐसे में मजबूरन वे जीप आदि वाहनों से कैलादेवी तक पहुंचते हैं।

गौरतलब है कि कैलादेवी आस्थाधाम के लिए प्रदेश के विभिन्न शहरों के अलावा उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, गुजरात, दिल्ली, हरियाणा आदि प्रांतों से बड़ी संया में श्रद्धालु माता के दर्शनों के लिए पहुंचते हैं। इनमें विशेष रूप से उत्तरप्रदेश के विभिन्न शहरों से आने वाले यात्रियों की संया अधिक होती है। अनेक श्रद्धालु हिण्डौन तक ट्रेन के जरिए पहुंचते हैं, जहां से वे करौली आते हैं फिर करौली से कैलादेवी पहुंचते हैं, लेकिन रोडवेज बसों की कमी से उन्हें परेशानी होती है। वैसे तो कागजों में करौली डिपो संचालित हो रहा है, लेकिन यह हिण्डौन डिपो के अधीन ही संचालित है। हिण्डौन डिपो के जरिए ही बसों का संचालन किया जा रहा है। इधर केन्द्रीय रोडवेज बस स्टेण्ड प्रभारी शिवदयाल शर्मा ने बताया कि कैलादेवी में सुबह के समय प्रति आधा घण्टे में बस उपलब्ध रहती हैं। बसों के शिड्यूल हिण्डौन डिपो से निर्धारित किए जाते हैं।