Karoli स्टाफ न संसाधन, फिर कैसे कृषि के गुर सीखें विद्यार्थी
करौली न्यूज़ डेस्क, हिण्डौनसिटी क्षेत्र के युवाओं को कृषि क्षेत्र से जोड़ने और उच्च शिक्षा दिलाने की मंशा से राज्य सरकार ने गत वर्ष राजकीय कृषि महाविद्यालय तो खोल दिया, लेकिन एक वर्ष बाद भी यहां स्टाफ नहीं लगाया गया है। जिसके कारण जेट परीक्षा के जरिए चयनित होकर आए विद्यार्थियों को समुचित शिक्षा नहीं मिल पा रही है। सुविधा और संसाधन विहीन महाविद्यालय में प्रवेश आवंटन से विद्यार्थी ठगा सा महसूस कर रहे हैं। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने क्षेत्र में कृषि में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2023 में हिण्डौन में राजकीय कृषि महाविद्यालय की सौगात दी थी।
राज्य सरकार के कार्यकाल का आखिरी वर्ष होने से करौली रोड स्थित राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिसर में 6 कक्ष आवंटित की अस्थाई तौर पर कृषि महाविद्यालय का संचालन शुरू कर दिया गया। ताकि कृषि संकाय को उच्च माध्यमिक स्तर पर स्कूली शिक्षा में भी संबल मिल सके। इसके तहत राजकीय स्नाकोत्तर महाविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था में प्राचार्य को नोड़ल प्राचार्य बना कर कक्षाओं का संचालन शुरू करा दिया। पहले दो सेमिस्टरों में राजकीय महाविद्यालय के विज्ञान के सहायक आचार्यों के मार्गदर्शन में कृषि विज्ञान के छात्रों ने स्वाध्याय कर परीक्षा पास कर ली, लेकिन विद्यार्थियों के दूसरे व तीसरे सेमिस्टर में पहुंचने बाद भी कृषि विज्ञान की शिक्षण के लिए सहायक आचार्य नहीं लगाए गए हैं। स्थिति यह है कि एक वर्ष बीतने के बाद भी कृषि महाविद्यालय में प्रयोगशाला तक स्थापित नहीं हुई। न ही खेत में कृषि के प्रायोगिक कार्य के लिए ट्रैक्टर, हल व अन्य संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। गौरतलब है कि 60 सीटों के स्वीकृत कृषि महाविद्यालय में प्रथम वर्ष में 58 व द्वितीय वर्ष में 54 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
