Karoli काम शुरू हुए एक साल पूरा, रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास अधूरा
करौली न्यूज़ डेस्क, करौली अमृत भारत रेलवे स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य की कछुआ चाल बनी है। शिलान्यास को एक वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद भी कार्य पूर्णता के कगार तक नहीं पहुंचा है। हर विंग में कार्य अधूरा होने से यात्रियों और रेलकर्मियों को परेशानी हो रही है। स्थिति यह है कि स्टेशन परिसर में सुलभ सुविधाओं तक का टोटा हो गया है। दरअसल रेल यात्रियों को वर्ल्ड क्लास यात्री सुविधाएं मुहैया कराने के लिए रेलवे स्टेशन को अमृत भारत रेलवे स्टेशन योजना में शामिल कियाथा। इसके तहत गत वर्ष 6 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल समारोह में देश के 508 रेलवे स्टेशनों के साथ 19.80 करोड़ रुपए की लागत से हिण्डौन रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य का शिलान्यास किया था। उस दौरान पुनर्विकास के कार्य को पूरा करने के लिए 18 माह का समय निर्धारित किया था।
निर्माण कार्य को रफ्तार नहीं मिलने से 13 माह बीतने के बाद भी रेलवे स्टेशन पर एक भी विंग का कार्य पूरा नहीं हो सका है। ऐेसे में न तो पुनर्विकास का सौदर्यीकरण झलक रहा है और न ही यात्रियों को सुविधाएं बढ़ी हैैं।अमृत भारत रेलवे स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य की कछुआ चाल बनी है। शिलान्यास को एक वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद भी कार्य पूर्णता के कगार तक नहीं पहुंचा है। हर विंग में कार्य अधूरा होने से यात्रियों और रेलकर्मियों को परेशानी हो रही है। स्थिति यह है कि स्टेशन परिसर में सुलभ सुविधाओं तक का टोटा हो गया है। दरअसल रेल यात्रियों को वर्ल्ड क्लास यात्री सुविधाएं मुहैया कराने के लिए रेलवे स्टेशन को अमृत भारत रेलवे स्टेशन योजना में शामिल कियाथा। इसके तहत गत वर्ष 6 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल समारोह में देश के 508 रेलवे स्टेशनों के साथ 19.80 करोड़ रुपए की लागत से हिण्डौन रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य का शिलान्यास किया था। उस दौरान पुनर्विकास के कार्य को पूरा करने के लिए 18 माह का समय निर्धारित किया था। निर्माण कार्य को रफ्तार नहीं मिलने से 13 माह बीतने के बाद भी रेलवे स्टेशन पर एक भी विंग का कार्य पूरा नहीं हो सका है। ऐेसे में न तो पुनर्विकास का सौदर्यीकरण झलक रहा है और न ही यात्रियों को सुविधाएं बढ़ी हैैं।
