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Karoli अब कलेक्टर पशुपालन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की उपस्थिति जांचेंगे

 
Karoli अब कलेक्टर पशुपालन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की उपस्थिति जांचेंगे
करौली न्यूज़ डेस्क, करौली  प्रदेश में संभवत: यह पहला मामला है जहां कलक्टर ने पशुपालन विभाग में जिले में कार्यरत सभी अधिकारी-कर्मचारियों के उपस्थिति रजिस्टर की फोटो मांगी है। वहीं कलक्टर के आदेशों की पालना में विभाग के संयुक्त निदेशक ने भी जिले में संचालित सभी करीब 156 संस्थाओं के प्रभारी अधिकारियों को इस संबंध में निर्देशित किया है। करौली कलक्टर नीलाभ सक्सेना की इस पहल से पशुपालकों को कार्यालय बंद मिलने जैसी शिकायतों से निजात मिल सकेगी। वहीं ग्लोबल पॉजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) लोकेशन से उपस्थिति जांची जाएगी। जिससे अब तकनीक की मदद से अधिकारी और कर्मचारी मुख्यालय पर पाबंद हो सकेंगे।

कार्यालय का कार्य प्राथमिक: पशुपालन विभाग के अतिरिक्त निदेशक भरतपुर डॉ. खुशीराम मीणा ने बताया कि कार्यों की मॉनिटरिंग के तहत कार्मिक पहले संस्था पर जाए वहां मौजूद पशुपालकों की समस्या का समाधान प्राथमिकता से करे। इसके बाद जिस गांव में टीकाकरण करना है, उसे बोर्ड पर अंकित करने के बाद संस्था छोड़े।

यह प्रशासनिक सुधार के लिए : इस बारे में पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. गंगासहाय मीणा ने बताया कि यह सब कुछ प्रशासनिक सुधार के लिए किया जा रहा है।

यह होगा लाभ

संपर्क पोर्टल पर कई बार पशु चिकित्सा संस्थान नहीं खुलने जैसे परिवाद आते हैं। इस आदेश के बाद इस तरह के परिवाद नहीं आ पाएंगे। सुबह केंद्र पर आने वाले पशुओं का इलाज प्राथमिकता से हो सकेगा। साथ ही अधिकारी-कर्मचारियों की लेटलतीफी पर अंकुश लगने के साथ कार्मिक मुख्यालय पर पाबंद हो सकेंगे।  इस समय केंद्र सरकार की ओर से संचालित खुरपका, मुंहपका का टीकाकरण कार्य चल रहा है। ऐसे में कार्मिक सुबह प्रतिदिन का लक्ष्य प्राप्त करने के चलते जल्दी टीका लगाने गांवों में पहुंच जाते हैं। निर्देश के बाद अब उपस्थिति भेजने के लिए 8 बजे संस्था पर जाना होगा।