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Karoli जल संसाधन विभाग ने रणगमां तालाब के लिए तैयार किए 17.42 करोड़ के प्रस्ताव

 
Karoli जल संसाधन विभाग ने रणगमां तालाब के लिए तैयार किए 17.42 करोड़ के प्रस्ताव
करौली न्यूज़ डेस्क, करौली जिला मुख्यालय स्थित रियासतकालीन रणगमां तालाब के दिन फिरने की उम्मीद जागी है। इस बार का मानसून अतिवृष्टि से ऐतिहासिक तालाब को जख्म दे गया। जख्म भी ऐसे कि जिन पर तत्काल मरहम की दरकार है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन के निर्देश पर जल संसाधन विभाग की रणगमां तालाब की सुरक्षा सहित सौन्दर्यीकरण को लेकर प्रस्ताव तैयार किए गए हैं।जिला कलक्टर के निर्देश पर विभाग ने 17.47 करोड़ से अधिक के प्रस्ताव तैयार किए हैं, जिन्हें राज्य सरकार को भेजा गया है। साथ ही करौली विधायक ने भी इन प्रस्तावों को राज्य सरकार को भिजवाया है। अब राज्य सरकार स्तर पर शीघ्र ही इन प्रस्तावों को हरी झण्डी के लिए प्रभावी पहल करने की दरकार है, ताकि ऐतिहासिक रणगमां तालाब की सुरक्षा बरकरार रह सके और शहर की ऐतिहासिक धरोहर को संवारा जा सके।

चार दशक का टूटा था रेकॉर्ड : रियासतकाल के दौरान मण्डरायल मार्ग पर रणगमां तालाब का निर्माण हुआ था। शहर के बुजुर्ग बताते हैं कि बीते वर्षों में कई बार झमाझम बारिश का दौर चला, लेकिन इस बार हुई बारिश ने बीते तीन-चार दशक का रेकार्ड तोड़ दिया। पहली बार पानी तालाब को लांघकर ऊपर तिवारों तक पहुंच गया।

अत्यधिक पानी के चलते तालाब के पीछे की सुरक्षा दीवार की मिट्टी ढह गई। करीब 100 से 150 फीट तक दीवार के ढह गई, जिससे तालाब की सुरक्षा को भी खतरा उत्पन्न हो गया। जिला कलक्टर सहित अन्य अधिकारियों ने तालाब का जायजा लिया। मिट्टी कट्टा लगाकर मिट्टी को ढहने से रोकने के भी प्रयास किए गए।

आगामी मानसून से पहले कार्य की दरकार : जल संसाधन विभाग के सूत्र बताते हैं कि मानसून के दौरान अधिक बारिश के कारण तालाब पर पार्क के समीप की मिट्टी ढह गई थी। सुरक्षा की दृष्टि से इस मिट्टी का कटाव रोकना जरुरी है। ऐसे में यदि अब इन प्रस्तावों को शीघ्र मंजूरी मिलने के साथ कार्य जितनी जल्दी शुरू हो जाए, उतना अच्छा है, क्योंकि आगामी मानसून के दौरान मिट्टी के और ढहने की आशंका रहेगी। ऐसे में सौन्दर्यीकरण के कार्य तो भले ही बाद में हो सकते हैं, लेकिन शीघ्रता के साथ सुरक्षा दीवार की मरम्मत होनी चाहिए।