Karoli व्यापारियों ने दक्षिणी व पूर्वी राज्यों को भेजा गेहूं व बाजरा
करौली न्यूज़ डेस्क, दक्षिण व पूर्वी भारत में गेहूं व बाजरा से रेलवे को खाद्यान्न की ढुलाई से खूब आय हो रही है। 8 माह में रेलवे स्टेशन की गुड्स साइडिंग से आधा दर्जन से अधिक मालगाड़ी के रेकों से गेहूं व बाजरे का परिवहन किया गया। जिससे रेलवे को करीब 5 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित हुआ है।रेलवे सूत्रों के अनुसार कोटा रेल मंडल के हिण्डौन रेलवे स्टेशन की गुड्स साइडिंग पर खाद व अन्य सामान के आयात के साथ खाद्यान्न का घरेलू निर्यात भी होता है। इस वर्ष जनवरी माह से अगस्त माह तक आठ माह में रेलवे स्टेशन से 9 मालगाड़ियों से 18 हजार 616.7 टन खाद्यान्न की ढुलाई की गई। इससे रेलवे को स्टेशन की गुड्स साइडिंग से 4 करोड़ 93 लाख 8 हजार 74 रुपए की आय हुई है। जो बीते वर्ष से अधिक है।व्यापारिक सूत्रों के अनुसार देश के दक्षिण व पूर्वी राज्यों में गेहूं व बाजरे का उत्पादन कम होने से मध्य व उत्तरी राज्यों से मंगाया जाता है। पूर्वी राजस्थान के कई जिलों के व्यापारी इन राज्यों में वर्ष भर मांग के अनुरूप गेहूं व बाजरा की आपूर्ति देते हैं। जो खाद्यान्न के अलावा अन्य कार्यों में उपयोग लिया जाता है।
माह ट्रेन रेक वजन (टन) आय (रुपए)
जनवरी 1 1497.5 52 लाख 48 हजार 514
फरवरी 3 4715.2 39 लाख 29 हजार 790
मार्च - - -
अपे्रल 3 8096.6 2 करोड़ 61 लाख 43 हजार 529
मई - - -
जून 1 2739 85 लाख 29 हजार 384
जुलाई - - -
अगस्त 1 1563 54 लाख 56 हजार 857
गेहूं से बनती सूजी, बाजरे का केटल फीड
रेलवे स्टेशन से खास तौर से दक्षिणी व पूर्वी राज्यों के लिए गेहूं व बाजरा का लदान होता है। आठ माह में 9 मालगाड़ियों से खाद्यान्न ढुलाई से 4.93 करोड़ रुपए की आय हुई है। हालांकि रेलवे स्टेशन पर आयात ट्रेन रेकों की संया अधिक है।
