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Karoli फिर कैसे तैयार हो शहर के विकास का खाका, शहरी सरकार की सुस्त चाल

 
Karoli फिर कैसे तैयार हो शहर के विकास का खाका, शहरी सरकार की सुस्त चाल
करौली न्यूज़ डेस्क, करौली जिला मुयालय पर शहरी सरकार (नगरपरिषद बोर्ड) की बैठक एक बार फिर लबे अरसे से नहीं हुई है। बैठक कराने के प्रति न जनप्रतिनिधि गंभीर हैं और न ही परिषद प्रशासन की ओर से बैठक कराने के प्रति कोई पहल की जा रही है। नतीजतन शहर के विकास की कार्ययोजना अधूरी है।नियमित बैठक के अभाव में शहरी विकास और नई कार्ययोजना पर चर्चा नहीं हो पा रही है और समस्याओं के समाधान को लेकर चिंतन न होने से पार्षदों मेें ही नहीं बल्कि आमजन में भी नाराजगी है। अचरज तो यह है कि करौली नगरपरिषद बोर्ड के गठन के बाद से ही साधारण सभा की बैठक को लेकर हर बार यही स्थिति रही है।

बीत वर्षों में भी करीब एक-एक वर्ष के अंतराल में बैठक होती रही है। वर्तमान में भी फरवरी 2024 के बाद से अब तक कोई बैठक नहीं है। ऐसे में न शहर के विकास का खाका तैयार हो पाता है और न ही जनसमस्याओं के समाधान पर मंथन। हालांकि पार्षदों ने इस बीच मांग भी उठाई लेकिन कोई सुनवाई नहीं है। इस वर्ष 14 फरवरी को साधारण सभा (बजट) बैठक हुई थी। इसके बाद नगरपरिषद प्रशासन मानो अब तक बैठक कराना ही भूल गया है। करीब 10 माह की अवधि के बाद भी बैठक नहीं होने से नगरपरिषद के अनेक पार्षद खफा हैं और कई बार मांग भी उठा चुके हैं। पार्षदों का कहना है कि यदि बैठक हो तो उसमें शहर के विकास के मुद्दों को रखते हुए चर्चा की जाए, लेकिन परिषद प्रशासन बैठक ही नहीं कर रहा है। इससे शहर का विकास ठप पड़ा है। जनसमस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा। इसका खमियाजा उन्हें वार्ड क्षेत्रों में लोगों की शिकायत के रूप में उठाना पड़ता है।