Karoli दूसरा प्लांट भी दुरुस्त, अब हर दिन बनेंगे 99 सिलेंडर ऑक्सीजन
Oct 21, 2024, 19:15 IST
करौली न्यूज़ डेस्क, करौली जिला चिकित्सालय में एक और ऑक्सीजन प्लांट की मरमत हो गई है। दो प्लांटों के संचालन से अब चिकित्सालय प्रति दिन 99 सिलेण्डर ऑक्सीजन का उत्पादन हो सके। इससे भर्ती रोगियों को सिलेण्डर की बजाय मैनिफोल्ड यूनिट के जरिए प्लांटों में वायुमंडल से संग्रहित प्राणवायु मिल सकेगी।दरअसल चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की राजस्थान चिकित्सा सेवा निगम ने जिला चिकित्सालय में बंद पड़े ऑक्सीजन प्लांटों की मरमत के लिए नई दिल्ली की जीकेएस कपनी को मरमत व 3 वर्ष तक सर्विस करने का जिमा सौंपा है। इसके तहत कपनी के पीएसए इंजीनियरों ने चार दिन पहले 24 सिलेण्डर क्षमता के ऑक्सीजन प्लांट को मरमत कर सुचारू कर दिया। इंजीनियरों ने गत दिवस चिकित्सालय परिसर में स्थापित धवन बॉक्स कपनी के 75 सिलेण्डर क्षमता के ऑक्सीजन प्लांट को मरमत कर चालू कर दिया। ऑक्सीजन प्लांट सुपरवाइजर पिंटू योगी व नमन सेन ने बताया कि प्लांट की सर्विस के बाद ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता व शुद्धता को जांचा जाएगा।
प्लांट की प्राणवायु की शुद्धता 93 प्रतिशत : चिकित्सालय सूत्रों के अनुसार यूनेसी कपनी के 24 सिलेण्डर क्षमता के प्लांट से 93 प्रतिशत प्योरिटी की ऑक्सीजन बनाई जा रही है। सुपरवाइजर पिंटू योगी ने बताया 90 से 96 प्रतिशत शुद्धता की मेडिकल ऑक्सीजन को डब्ल्यूएचओ मानकों पर सही माना गया है।सुपरवाइजर ने बताया कि 24 व 75 सिलेण्डर क्षमता के ऑक्सीजन प्लांटों के संचालन से प्रति मिनट 485 लीटर ऑक्सीजन वायुमंडल से तैयार होगी। 250 पलंग क्षमता के जिला स्तरीय चिकित्सालय में चौबीस घंटे में 24-25 सिलेण्डर खपत है। जबकि दोनों प्लांट इस अवधि में करीब 100 सिलेण्डर के बराबर ऑक्सीजन का उत्पादन करेंगे।
