Karoli योजनाओं का नहीं मिल रहा समुचित लाभ, मॉनिटरिंग भी प्रभावित
Sep 26, 2024, 11:33 IST
करौली न्यूज़ डेस्क, करौली जिले के कई आंगनबाड़ी केन्द्रों पर महिला एवं बाल विकास विभाग की 6 प्रमुख सरकारी सेवाओं का समुचित लाभ बच्चों को नहीं मिल पा रहा है। इसका कारण है योजनाओं के संचालन व प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए काफी समय से अधिकारी-कर्मचारियों का अभाव होना। आंगनबाड़ी केन्द्रों की मुख्य धुरी तथा लाभार्थी को सीधा लाभ पहुंचाने वाली कार्यकर्ता के ही जिलेभर में 88 तथा सहायिकाओं के 234 पद रिक्त हैं। इसके अलावा केन्द्रों तक योजनाओं की जानकारी, क्रियान्वयन व मॉनिटरिंग का जिम्मा संभालने वाली महिला पर्यवेक्षकों की बात करें तो जिलेभर के 6 ब्लॉकों के 46 सेक्टरों में से मात्र 21 सेक्टरों पर महिला पर्यवेक्षक नियुक्त हैं तथा 25 पद (इस माह दो अधिकारियों की सेवानिवृत्ति सहित) रिक्त हैं। ऐसे में बच्चों के विकास के लिए संचालित योजनाओं का संचालन कागजों में होता नजर आ रहा है। बाल विकास की योजनाएं झूल रही हैं और कई जरुरतमंद लाभार्थी लाभ से वंचित हो रहे हैं।
101 मिनी आंगनबाड़ी मर्ज: गौरतलब है कि आंगनबाड़ी केन्द्रों केअलावा जिलेभर में करीब 101 मिनी आंगनबाड़ी केन्द्र भी संचालित हो रहे थे, जहां केवल सहायिका की नियुक्ति थी। जरुरत के चलते 1 मार्च 2024 से मिनी आंगनबाड़ी केन्द्रों को आंगनबाड़ी केन्द्रों में मर्ज किया गया था। लेकिन जिले में अधिकारी/मानदेय कार्मिकों की कमी का मर्ज बढ़ता रहा। कार्यकर्ता और सहायिकाओं का चयन प्रक्रियाधीन है। महिला पर्यवेक्षकों के पद विभागीय स्तर पर भरे जाएंगे। फिलहाल उपलब्ध अधिकारी-कर्मचारियों को अतिरिक्त कार्यभार सौंपकर योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।
फैक्ट फाइल
महिला पर्यवेक्षक: 50 फीसदी से अधिक पद रिक्त
ब्लॉक सेक्टर कार्यरत रिक्त
करौली 13 05 08
नादौती 04 02 02
मंडरायल 03 01 02
सपोटरा 07 01 06
हिंडौन 11 10 01
टोड़ाभीम 08 02 06
