Karoli रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कार्यशाला में एआई के जरिए समस्याओं के समाधान पर हुई चर्चा
करौली न्यूज़ डेस्क, स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल ब्लॉक करौली में छात्र-छात्राओं को रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी आधुनिक तकनीकों से रुबरु करवाने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में बच्चों को रोबोटिक तकनीकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की आवश्यकता, निर्माण विधि एवं उपयोगिता पर चर्चा हुई। इस दौरान अटल टिंकरिंग लैब प्रभारी व्याख्याता अमित कुमार शर्मा के द्वारा समझाई गई।उन्होंने बताया कि तकनीक न केवल बच्चों की विचारशीलता को प्रोत्साहित करती हैं, बल्कि उनके सोचने-समझने और समस्याओं को हल करने के तरीके को भी विकसित करती हैं। इसके अलावा उन्हें भविष्य में होने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए भी तैयार करती हैं, जिससे वो समाज में प्रभावी रूप से अपना योगदान दे सकें।
रोबोटिक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का महत्व विशेष रूप से इसलिए बढ़ गया है क्योंकि ये तकनीक हमारे जीवन के विभिन्न पहलुओं में प्रभाव डाल रही है, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, विज्ञान और उद्योग। बच्चों को इन तकनीकों के बारे में सिखाना उनका आत्मविश्वास बढ़ाता है और उन्हें नए दृष्टिकोण से सोचने की क्षमता प्रदान करता है। यह उन्हें जटिल समस्याओं का समाधान ढूंढने के लिए सृजनात्मकता और तार्किक सोच का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करता है।
गौरतलब है कि भारत सरकार की अटल इनोवेशन मिशन के तहत स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब्स की स्थापना की गई है, जिससे बच्चों को इन आधुनिक तकनीकों के बारे में सिखाया जा सके। स्वामी विवेकानंद सरकारी मॉडल स्कूल, ब्लॉक करौली, में स्थित अटल टिंकरिंग लैब इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस लैब में छात्रों को रोबोटिक्स, 3D प्रिंटिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाता है। यहां के बच्चे इन तकनीकों का उपयोग करके अपने विचारों को वास्तविकता में बदल सकते हैं।यह लैब बच्चों के लिए एक आदर्श स्थल बन चुकी है, जहां वे विज्ञान और तकनीकी की नई-नई खोजों के बारे में सीखते हैं और खुद को तकनीकी रूप से सक्षम बनाते हैं।विद्यालय में आयोजित रोबोटिक कैंप में बच्चों ने अपनी प्रतिभा दिखाते हुए अनेक उपयोगी रोबोट्स और IOT आधारित मॉडल्स भी बनाए।
