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Karoli रोडवेज बसों का टोटा, डग्गेमार वाहनों का लेना पड़ता सहारा

 
Karoli रोडवेज बसों का टोटा, डग्गेमार वाहनों का लेना पड़ता सहारा

करौली न्यूज़ डेस्क, जिले में रोडवेज बसों का टोटा यात्रियों पर भारी पड़ रहा है। विभिन्न मार्गों पर रोडवेज बसों की कमी के चलते यात्रियों को निजी बसों या डग्गेमार वाहनों से यात्रा की मजबूरी बनी रहती है। मार्गों पर रोडवेज बसों के टोटे की स्थिति यह है कि उत्तरभारत प्रसिद्ध कैलादेवी आस्थाधाम के लिए भी रोडवेज बसों की कमी है, वहीं जिला मुख्यालय से उपखण्ड मुख्यालयों के लिए भी रोडवेज बसों की कमी बनी हुई है। ऐसे में लोगों को निजी बसों या जीपों से यात्रा करनी पड़ती है। ऐसे में लोग बीते कई वर्षों से करौली के रोडवेज डिपों के स्वतंत्र रूप से संचालन की मांग कर रहे हैं।

दूरदराज से आते यात्री, नहीं मिलती बसें : जिला मुख्यालय से करीब 23 किलोमीटर दूर कैलादेवी आस्थाधाम में कैलामाता के दर्शनों के लिए प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन करौली से कैलादेवी तक पहुंचने के लिए दिनभर में करीब एक दर्जन रोडवेज बसों का ही संचालन होता है। रोडवेज सूत्रों के अनुसार कैलादेवी के लिए यहां से पहली रोडवेज बस सुबह 8 बजे रवाना होती है। इसके बाद 10.45 बजे तक तो तीन-चार बसें संचालित हैं, लेकिन इसके बाद करीब दो घंटे तक कोई बस नहीं है। 1.30 बजे एक बस है, जिसके बाद 4 बजे यात्रियों को बस मिलती है और 4 बजे के बाद शाम 7 बजे रोडवेज बस कैलादेवी जाती है। उधर कैलादेवी से करौली के लिए प्रात: 6.15 बजे रोडवेज बस संचालित होती है, लेकिन इसके बाद तीन घंटे बाद करीब 9 बजे यात्रियों को बस मिल पाती है।

कैलादेवी आस्थाधाम के लिए प्रदेश के विभिन्न शहरों के अलावा उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, गुजरात, दिल्ली, हरियाणा आदि प्रांतों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शनों के लिए पहुंचते हैं। उत्तरप्रदेश के विभिन्न शहरों से आने वाले यात्रियों की संख्या अधिक होती है। अनेक श्रद्धालु हिण्डौन तक ट्रेन के जरिए पहुंचते हैं, जहां से वे करौली आते हैं फिर करौली से कैलादेवी पहुंचते हैं,मासलपुर, करणपुर के लिए नहीं बस :करौली से मासलपुर और करणपुर कस्बे के लिए भी कोई रोडवेज बस संचालित नहीं है। पूर्व में दोनों स्थानों के लिए रोडवेज बसों का संचालन होता था, जो वर्तमान में लम्बे समय से बंद हैं।सुबह के बाद शाम को मिलती बस : सपोटरा उपखण्ड मुख्यालय की स्थिति भी अच्छी नहीं है। सपोटरा के लिए दिल्ली से आने वाली दो रोडवेज बसें ही इस मार्ग पर हैं। सुबह के बाद शाम को ही बस सेवा है। ऐसे में दिन में बस सेवा नहीं होने से लोगों को परेशानी होती है।