Karoli रेकॉर्ड सीज, बिल अटके, वेतन में देरी की आशंका
जुलाई माह में कार्मिकों के इंक्रीमेंट लगते हैं। इस कार्य में भी देरी होने के साथ पीएल सरेंडर का भुगतान भी समय पर नहीं हो सकेगा। हालांकि ऑफिस के अन्य कार्यों के सुचारू संचालन के लिए उच्चाधिकारियों के निर्देश पर तुलसीपुरा से डॉ. नंदकुमार शर्मा सहित अन्य स्टाफ कार्मिकों को कार्य व्यवस्थार्थ नियुक्त किया है।
कार्मिकों के बयान हुए न पहुंची टीम: मामले में विभाग के उप निदेशक की ओर से 20 जुलाई को एफआईआर दर्ज कराई गई थी, जिसमें उप निदेशक कार्यालय के वरिष्ठ सहायक मुकेश कुमार शर्मा तथा कनिष्ठ सहायक सुरेश चंद मीणा पर सेवानिवृत्त चिकित्सक राजेंद्र कुमार शर्मा के नाम से 40 लाख 54 हजार 162 रुपए, धनवंतरी कॉलोनी गंगापुर सिटी निवासी सेवानिवृत्त चिकित्सक के नाम से 6 लाख 63 हजार 444 रुपए तथा कंपाउंडर बाबूलाल बैरवा के नाम से 25 लाख 97 हजार 280 रुपए अन्य खाते में डलवाकर राशि का आहरण करने का आरोप लगाया गया था। लेकिन मामले की जांच धीमी गति से चलने से अब तक किसी भी कार्मिक के बयान तक नहीं हुए हैं। वहीं दूसरी विभाग के निदेशक आनंद कुमार शर्मा ने एक सप्ताह में टीम को करौली भेजकर जांच करने की बात कही थी, लेकिन 10 दिन बाद भी विभागीय टीम भी यहां नहीं पहुंची है। रेकॉर्ड या दस्तावेजों में हेराफेरी की आशंका से उप निदेशक कार्यालय में चार सहायक कर्मचारियों की भी तैनातगी की गई है।
