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Karoli देरी से पहुंच रहे गंतव्य, दूसरी बसों का ले रहे सहारा

 
Karoli देरी से पहुंच रहे गंतव्य, दूसरी बसों का ले रहे सहारा
करौली न्यूज़ डेस्क, करौली रोडवेज डिपो के बेड़े में अनुबंध पर संचालित बसें भी खटारा हो गई है। सेवा प्रदाता कपनी की ओर से समय पर मरमत नहीं होने से बसों के बीच सफर में खराब होने से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। जिले की हिण्डौन व करौली डिपो में अनुबंध की 11 बसें हैं। इनमें से तीन बसें उपयोग अवधि मानकों को पार कर चुकी है। दरअसल राजस्थान रोडवेज के मुयालय से करौली व हिण्डौन डिपो के बस बेडे में 7-7 अनुबंध की बसें आवंटित की हुई हैं। जिनके संचालन पर रोडवेज निगम की ओर से सेवा प्रदाता कपनी को अनुबंध के समय निर्धारित प्रति किलोमीटर की राशि चुकाई जाती है।

रोडवेज डिपो सूत्रों के अनुसार वर्तमान में संचालित अनुबंध की 11 बसों में से 3 बस वर्ष 2017 मॉडल की हैं। जो बाड़ी, करौली व कैलादेवी से जयपुर मार्ग पर संचालित हो रही हैं। करीब 7 वर्ष पुरानी बसों के पहिए आए दिन सफर के दौरान हांफ कर थम रहे है। धौलपुर के बाड़ी से वाया हिण्डौन-महवा संचालित बस गत 3-4 दिन से रास्ते में ब्रेक डाउन (खराब) हो रही है। शनिवार को यह बस दौसा के पास सैथल मोड़ व रविवार को मानपुर के पास ब्रेक डाउन हो गई थी। ऐसे में यात्री समय गंतव्य पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। कमोबेश तीनों ही बसों की ऐसी ही स्थिति है। ऐसे में यात्रियों को दूसरी बस बदल कर आगे का सफर तय करना पड़ता है।

मरमत के प्रति बरत रहे अनदेखी : रोडवेज निगम सूत्रों के अनुसार सेवा प्रदाता कपनी की ओर से अनुबंध की बसों की देखरेख के लिए एक केयर टेकर लगाया होता है। तो बसों में टूट-फूट की मरमत और मेंटीनेंस का काम करवाता है, लेकिन इन बसों की मरमत के प्रति महीनों से अनदेखी बरती जा रही है। ऐसे में रास्ते में बस खराब होने पर चालक को ही मशक्कत करनी पड़ती है।