Aapka Rajasthan

Karoli 61 करोड़ रुपये की परियोजनाओं से बुझेगी शहरी क्षेत्र के बाशिंदों की प्यास

 
Karoli 61 करोड़ रुपये की परियोजनाओं से बुझेगी शहरी क्षेत्र के बाशिंदों की प्यास
करौली न्यूज़ डेस्क, करौली  जिला मुख्यालय सहित जिले के तीन शहरी क्षेत्रों में पेयजल समस्या के समाधान को लेकर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से कवायद की जा रही है। शहरी क्षेत्र में नल कनेक्शनों से वंचित पेयजल समस्या ग्रस्त क्षेत्र के बाङ्क्षशदों को जल्दी समस्या से अब राहत मिलने की उम्मीद है। इसके लिए सरकार की ओर से इन तीनों शहरी क्षेत्रों में 61 करोड़ से अधिक की राशि से लोगों की प्यास बुझाई जाएगी। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से करौली जिले के शहरी क्षेत्र में अमृत योजना के द्वितीय फेस के अंतर्गत जिला मुख्यालय करौली सहित हिण्डौन, सपोटरा शहरी क्षेत्र के लिए 61 करोड़ 11 लाख रुपए की लागत से टेण्डर प्रक्रिया चल रही है। आगामी 17 जनवरी को टेण्डर खुलेंगे। उम्मीद है कि इसी वर्ष अप्रेल माह के प्रथम सप्ताह में यह कार्य शुरू हो जाएंगे। विभागीय सूत्रों के अनुसार इन पेयजल परियोजनाओं से शहरी क्षेत्रों के बाहरी एवं अलाभान्वित क्षेत्रों में पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।

30 किलोमीटर की राइजिंग और 210 किमी में डलेंगी वितरण लाइन : 61 करोड़ रुपए से अधिक की इस कार्ययोजना के जरिए इन तीनों शहरी क्षेत्र में अभी तक पाइप लाइन और नल कनेक्शन से वंचित लोगों को राहत मिल सकेगी। इसके अंतर्गत इन तीनों शहरी क्षेत्र में 30 किलोमीटर से अधिक की राइजिंग लाइन तथा करीब 210 किलोमीटर से अधिक की वितरण पाइप लाइन डालने की कार्य योजना तैयार की गई है। इसके अलावा नलकूप, उच्च जलाशय, स्वच्छ जलाशय, पम्प स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इन सबके लिए 61.11 करोड रुपए के टेण्डर जारी कर दिए गए हैं। जलदाय विभाग सूत्रों के अनुसार अमृत योजना के द्वितीय फेज में करौली जिला मुख्यालय सहित सपोटरा और हिण्डौनसिटी नगर परिषद क्षेत्र में अभी तक नल कनेक्शन और पाइपलाइन से वंचित क्षेत्र को जोड़ा जाएगा।

सपोटरा नगरपालिका क्षेत्र : नवसृजित सपोटरा नगरपालिका क्षेत्र में भी योजना के तहत पेयजल परियोजना के कार्य कराए जाएंगे। जिन पर करीब 6 करोड़ रुपए की राशि खर्च होगी। इसके तहत सपोटरा में 4 नए नलकूप स्थापित किए जाएंगे, जबकि एक उच्च जलाशय, एक स्वच्छ जलाश्य का निर्माण होगा, वहीं एक पम्प हाउस का निर्माण होगा। सपोटरा में नल कनेक्शन से वंचित क्षेत्रों में करीब 1200 मीटर लम्बी राइजिंग पाइप लाइन डाली जाएगी, जबकि करीब 20 किलोमीटर क्षेत्र में वितरण पाइप लाइन डाली जाएंगी। इन सभी कार्यों पर करीब 6 करोड़ रुपए का खर्चा आंका गया है।