Karoli डेढ़ माह की रिकॉर्ड जल निकासी के बाद पांचना बांध के गेट बंद
करौली न्यूज़ डेस्क, जिले में इस बार मानसून की मेहरबानी से रेकॉर्ड बारिश के बाद अब पिछले तीन-चार दिन से बारिश का दौर थमा हुआ है और मौसम साफ है। दिन में खूब धूप खिल रही है। इसके चलते अब नदी-तालाबों में पानी की आवक कम हो गई है। वहीं दूसरी ओर जिले के सबसे बड़े पांचना बांध से भी अब जल निकासी बंद कर दी गई है। करीब डेढ़ माह से पांचना के गेट खोलकर पानी की निकासी की गई है। अब बांध में पानी आवक थमने के बाद रविवार सुबह बांध का गेट बंद कर दिया गया। करीब डेढ़ माह की अवधि में बांध से 8180 एमसीएफटी पानी की निकासी गंभीर नदी में की गई।
अब बांध का गेज अब 257.90 मीटर पर है। गौरतलब है कि इस बार जिले में मानसून की खूब मेहरबानी रही है। झमाझम बारिश के दौर के चलते बांध-तालाब लबालब हो गए। उन बांध-तालाबों में भी खूब पानी आया है, जिन बांधों में पिछले दो-तीन दशक से पानी का टोटा रहता था। करौली के पांचना बांध में रेकॉर्ड पानी की आवक हुई, जिससे मानसून सीजन में बांध से पानी निकासी का भी नया रेकॉर्ड बन गया। इस बार बारिश के चलते जल संसाधन विभाग को पहली बार 1 अगस्त को बांध के गेट खोलकर पानी निकासी करनी पड़ी। इसके बाद 5 अगस्त को गेट बंद कर दिए गए, लेकिन उसके बाद लगातार पानी की आवक हुई तो 8 अगस्त को फिर गेट खोलने पड़े। उसके बाद तो करौली क्षेत्र में झमाझम बारिश का ऐसा दौर चला कि पांचना बांध लबालब होता रहा और लगातार गेट खोलकर गंभीर नदी में पानी निकासी जारी रही। बांध के कुल 7 गेटों में से इस अवधि में कभी एक गेट तो कभी 6 गेट खोलकर पानी की निकासी की गई। 6 गेटों के जरिए अधिकतम 35 हजार क्यूसेक पानी की निकासी भी करनी पड़ी। बांध से भारी मात्रा में पानी की निकासी के चलते यह पानी गंभीर नदी के जरिए भरतपुर के केवलादेव राष्ट्रीय पक्षी उद्यान (घना) तक पहुंच गया।
