Karoli अधिकारियों ने तीन दरवाजा बांध की भौतिक स्थिति की जांच की
करौली न्यूज़ डेस्क, करौली करीब आठ वर्ष से उपेक्षा का शिकार हो रहे रियासतकालीन तीन दरवाजा बांध की मरम्मत की आस जगी है। इसके लिए जिला प्रशासन के निर्देशन में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने कवायद शुरू की है।गुरुवार को जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियंता सुशील कुमार गुप्ता, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता एनके जोशी, अधिशासी अभियंता चन्द्रप्रकाश, जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता वीरसिंह, नगरपरिषद के सहायक अभियंता रामोतार मीना, कनिष्ठ अभियंता रश्मि आदि तीन दरवाजा बांध पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
इस दौरान अधिकारियों ने तीन दरवाजा बांध के निर्माण, ओवरफ्लो के पानी की निकासी के रास्ते, बांध में पानी भराव की स्थिति, बांध की टूटी पाल आदि की जानकारी ली। लोगों ने उनको बताया कि यह बांध रियासतकाल के दौरान बना था, जिसमें काफी पानी का भराव रहता और ओवरफ्लो होने पर पानी धीरे-धीरे निकल जाता, जिससे कभी कोई परेशानी नहीं हुई, लेकिन वर्ष 2016 में करौली में भारी बारिश के दौरान बांध की पाल के क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे भारी मात्रा में पानी आसपास की कॉलोनियों सहित आगे की कॉलोनियों तक भर गया और कई जगह बाढ़ जैसे हालात हो गए थे। लोगों को भारी नुकसान भी उठाना पड़ा था। लोगों ने कहा कि यदि बांध की मरम्मत हो जाए तो काफी मात्रा में पानी का इसमें ठहराव हो सकेगा, जिससे न केवल जलभराव की समस्या से काफी हद तक निजात मिलेगी, बल्कि शहर के जलस्तर में भी सुधार होगा। लोगों ने बांध की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की।जिला कलक्टर के निर्देश पर सार्वजनिक निर्माण विभाग, नगरपरिषद के अभियंताओं के साथ तीन दरवाजा बांध क्षेत्र में पहुंचकर भौतिक स्थिति का जायजा लिया है। क्षेत्र के लोगों से भी जानकारी जुटाई है। इस बारे में शीघ्र तथ्यात्मक रिपोर्ट जिला कलक्टर को प्रस्तुत की जाएगी।
