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Karoli नंद बाबा का दरबार सजा, जन्म से पहले गूंजे विघ्न-बाधा

 
Karoli नंद बाबा का दरबार सजा, जन्म से पहले गूंजे विघ्न-बाधा
करौली न्यूज़ डेस्क, करौली कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर जन-जन के आराध्य करौली के प्रसिद्ध मदनमोहनजी मंदिर में भगवान के जन्म से पहले शाम को मंदिर परिसर बधाई गीतों से गूंज उठा। इस मौके पर परम्परा के अनुसार ढांड़ा-ढांड़ी नृत्य का आयोजन हुआ।कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर नन्दबाबा का दरबार सजा, जिसमें मंदिर गुसाई प्रदीप किशोर गोस्वामी ने नन्दबाबा की भूमिका निभाई। श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच भजनों पर ढांड़ा-ढांड़ी नृत्य ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। इस अवसर पर रियासतकालीन परम्परा के अनुसार चौधरी परिवार की ओर से भगवान के लिए पोशाक लाई गई। करौली के चौधरी परिवार द्वारा 185 साल से भगवान मदन मोहन को कृष्ण जन्माष्टमी अपर पोशाक चढ़ाई जा रही है। परिवार की सातवीं पीढ़ी द्वारा भगवान को पोशाक चढ़ाई गई है। ढांड़ा-ढांड़ी नृत्य के दौरान नन्दबाबा को कान्हा जन्म की बधाई दी गई।

गौरतलब है कि बृज से जुड़े और मिनी वृन्दावन के रूप में पहचान रखने वाले करौली में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर प्रसिद्ध मदनमोहनजी मंदिर में होने वाला ढांड़ा-ढांड़ी नृत्य आमजन के लिए आकर्षण का केन्द्र रहता है। लल्ला (कृष्ण) जन्म से पहले होने वाले इस आयोजन में भक्ति और उल्लास का अनूठा नजारा देखते ही बनता है। श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच नन्द बाबा के दरबार में नृत्य करते ढांडा-ढांडी भजनों के बीच नन्द बाबा को बधाई देते हैं।मदनमोहनजी मंदिर में कृष्ण जन्म की खुशियों में मंगलवार को नन्दोत्सव मनाया जाएगा। सुबह राजभोग आरती पर नन्दोत्सव मनाया जाएगा, जिसमें पूर्व राजपरिवार की ओर से कृष्ण जन्म पर बधाई के रूप में छाक (प्रसादी) लुटाई जाती है।