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Karoli सरसों उगने लगी, गेहूं की बुवाई का रकबा भी 33 हजार हेक्टेयर पहुंचा

 
Karoli सरसों उगने लगी, गेहूं की बुवाई का रकबा भी 33 हजार हेक्टेयर पहुंचा
करौली न्यूज़ डेस्क, करौली जिले में खेतों में सरसों की फसल लहलहाने लगी है, वहीं गेहूं की बुवाई ने भी अब जोर पकड़ा है। पिछले दो-तीन दिन से तापमान में गिरावट से सर्दी में हुए इजाफे के बाद गेहूं की बुवाई तेज हो गई है। हालांकि जिले में सरसों की बुवाई का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है, जबकि लक्ष्य के मुकाबले की 70 फीसदी बुवाई हो चुकी है। इस बार जिले में रवी फसलों की बुवाई का लक्ष्य एक लाख 23 हजार हैक्टेयर क्षेत्रफल में रखा गया था, जिसके मुकाबले अब तक एक लाख 1 हजार 386 हैक्टेयर क्षेत्रफल में विभिन्न फसलों की बुवाई हो चुकी है।

इस बार कृषि विभाग की ओर से जिले में 55 हजार हैक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की बुवाई का लक्ष्य रखा है, जिसके मुकाबले अब तक 32 हजार 966 हैक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की बुवाई हो चुकी है। कृषि विभाग अधिकारियों के अनुसार आमतौर पर गेहूं की बुवाई का समय 7 नवम्बर से 25 नवम्बर के बीच होता है। हालांकि इस बार आधे नवम्बर माह तक सर्दी का असर कम रहा है। अब पिछले दो-तीन दिन से सर्दी में कुछ इजाफा हुआ है तो गेहूं की बुवाई में भी तेजी आई है। ऐसे में विभागीय अधिकारियों का कहना है कि लक्ष्य के अनुसार गेहूं की बुवाई समय पर पूरी हो जाएगी।इसी प्रकार इस बार जिले में 65 हजार हैक्टेयर क्षेत्रफल में सरसों की बुवाई का लक्ष्य निर्धारित था, जिसके मुकाबले जिले में 64 हजार 210 हैक्टेयर क्षेत्रफल में सरसों की बुवाई हो चुकी है। गौरतलब है कि जिले में रवी फसलों में मुख्यत: गेहूं, सरसों और चना की ही बुवाई की जाती है।

चने की लक्ष्य से दो गुना बुवाई : हालांकि जिले में चने का रकबा काफी कम है। ऐसे में विभाग की ओर से भी चना बुवाई के लक्ष्य काफी कम रखे गए। विभाग ने एक हजार हैक्टेयर क्षेत्रफल में चने की बुवाई का लक्ष्य रखा था, जिसके मुकाबले 2400 हैक्टेयर क्षेत्रफल में चने की बुवाई हुई है। जबकि अन्य फसल 2 हजार हैक्टेयर में बोई गई है।