Karoli मोबाइल एप से मिलेगी पशु नस्ल व परिवार की सटीक जानकारी
करौली न्यूज़ डेस्क, 21वीं पशुगणना के तहत जिलेभर में पशुगणना का कार्य 1 सितंबर से शुरू किया जाएगा। इसके लिए कई कार्मिकों की डयूटी लगाई गई है, जो घर-घर जाकर आंकड़े जुटाएंगे। पशुगणना के लिए इस बार मोबाइल ऐप तकनीक का सहारा लिया जाएगा। पशुगणना से उनकी नस्ल और संया की सटीक जानकारी मिल सकेगी, जो पशुओं के लिए उचित योजना बनाने, कार्यक्रम तैयार करने सहित अनेक योजनाओं में सहायक होगी। शुक्रवार को संयुक्त निदेशक कार्यालय परिसर में कार्मिकों को पशुगणना के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें मोबाइल वेब एप्लीकेशन पर पशुगणना का डेटा ऑनलाइन इंद्राज करने, पशुपालक को उपलब्ध भूमि आदि की जानकारी भरने संबंधी जानकारी दी गई। पशुपालन और डेयरी विभाग की ओर से जिले के सात ब्लॉक में की जाने वाली पशुगणना में प्रत्येक पशुपालक के घर तथा गोशालाओं में गौ तथा भैंस वंशीय के अलावा भेड़, बकरी, ऊंट, घोड़े, टट्टू, खच्चर, गधे, सुअर, कुत्ते, कुक्कुट, खरगोश, बतख आदि की गणना नस्ल, लिंग, आयु, वर्ग आदि कैटेगरी में 31 दिसंबर तक मोबाइल तकनीक की मदद से की जाएगी। इससे डेटा को ऑनलाइन करने में मदद मिलेगी।
यह भी प्रस्तावित
पशुपालन के लिए पूर्व में ली गई वित्तीय सहायता के बारे में बताना होगा।
उपलब्ध भूमि के अलावा पशुपालन में काम आने वाले उपकरणों की संया अंकित की जाएगी।
टैग शुदा व बिना टैग वाले पशुओं की गणना की जाएगी।
जिलेभर में 72 प्रगणक (पशुधन सहायक, पशु चिकित्सा सहायक) पशुगणना करेंगे। ग्रामीण क्षेत्र में 64 तथा शहरी क्षेत्र में 8 प्रगणक शामिल हैं। गणना के डेटा स्क्रूटनिंग के लिए 17 सुपरवाइजर नियुक्त हैं। इनमें 14 ग्रामीण क्षेत्र में तथा 3 शहरी क्षेत्र में कार्य करेंगे। इसी प्रकार शहरी क्षेत्र करौली में 3, हिंडौन में 4 तथा सपोटरा में 1 प्रगणक के अलावा तीनों स्थानों पर 1-1 सुपरवाइजर कार्य करेंगे।
