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Karoli मंगला पशु बीमा योजना, पशुपालक पंजीयन के प्रति नहीं दिखा रहे रुचि

 
Karoli मंगला पशु बीमा योजना, पशुपालक पंजीयन के प्रति नहीं दिखा रहे रुचि

करौली न्यूज़ डेस्क, दुधारू पशुओं की आकस्मिक मृत्यु पर पशुपालकों को आर्थिक संबल दिलाने के लिए सरकार की ओर से शुरू की गई मुयमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के प्रति पशुपालक रुचि नहीं दिखा रहे हैं। विभाग की ओर से जारी आंकडों पर नजर डालें तो राज्यभर के जिलों ने 8 जनवरी तक 0.61 से 18.13 प्रतिशत तक ही प्रगति इस योजना में हासिल की है, जिसमें करौली जिला की प्रगति महज 2.34 प्रतिशत है। यही कारण है कि पशुपालन निदेशालय की ओर से योजनांतर्गत रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 12 से बढ़ाकर अब 22 जनवरी की गई है। गौरतलब है कि गत 13 दिसबर को मुयमंत्री ने मंगला पशु बीमा योजना की शुरूआत कायड़ अजमेर में आयोजित किसान समेलन के दौरान की थी। योजनांतर्गत पशुपालकों के कीमती दुधारू पशुओं का बीमा कर उन्हें वित्तीय सुरक्षा तथा आर्थिक रूप से सुदृढ़ करना है। गाय-भैंस के लिए अधिकतम 40 हजार रुपए, भेड़-बकरी को 4 हजार रुपए प्रति, ऊंट नर व मादा को अधिकतम 40 हजार रुपए प्रति पशु दिया जाना निर्धारित है। छोटे पशुओं (भेड़-बकरी) की एक यूनिट में 10-10 भेड़ व बकरी शामिल है।

पशुपालकों ने दिए सुझाव :पशुपालकों ने बताया कि योजना में प्रगति हासिल करने के लिए पूर्व कामधेनु योजना के रजिस्ट्रेशन को ही इस योजना में शामिल करना चाहिए। इसके अलावा ग्राम पंचायत स्तर पर कैंप आयोजित किए जाएं जिसमें सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सूचना सहायक, ई-मित्र सहित विभागीय कार्मिकों की मौजूदगी से पंजीयन कार्य में वृद्धि हो सकती है।