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Karoli खरीफ में घाटे से मंडी कारोबार घटा, खरीद सीजन में टैक्स आय 40% घटी

 
Karoli खरीफ में घाटे से मंडी कारोबार घटा, खरीद सीजन में टैक्स आय 40% घटी

करौली न्यूज़ डेस्क,  अतिवृष्टि से खरीफ में हुए खराबे से इस बार जिले की अ श्रेणी की कृषि उपज मंडी में कारोबार परवान नहीं चढ़ सका। खरीदी सीजन में जिंसों की बम्पर आवक के अभाव में नीलामी यार्ड सरसों व तिली से अट नहीं सके। हल्की रही खरीद-फरोख्त से कृषि उपज मंडी समिति की गत वर्ष की तुलना में टैक्स की आय 40 प्रतिशत गिरी है। चार माह में समिति ने मंडी टैक्स से 34.20 लाख रुपए की आय अर्जित की है। जो गत सीजन की अपेक्षा 19.80 लाख रुपए कम है।कृषि उपज मंडी सूत्रों के अनुसार मानसून सीजन में अतिवृष्टि से खेतों में जल भराव से खरीफ की प्रमुख फसल बाजरा व तिल की अपेक्षित पैदावार नहीं हो सकी। खराबे से फसल के उत्पादन में कमी और दानों के गीले व बदरंग होने से मंडी में सितम्बर माह से शुरू हुए खरीदी सीजन में धीमी आवक रही। एक माह में महज 44 हजार 640 क्विंटल ही बाजरा की आवक हुई। जबकि वर्ष 2023 के सितम्बर माह में मंडी में 1 लाख 35 हजार 728 क्विंटल बाजरा की आवक हुई थी। जबकि सीजन के पहले माह में तिली की आवक ही नहीं हुई।

इसकी तुलना में बीते वर्ष के सीजन में सितम्बर माह में 116 क्विंटल तिली का मंडी में बेचान हुआ था। ऐसे सितम्बर से दिसम्बर माह तक के चार माह खरीफ फसलों के खरीदी सीजन में बाजरा की 2 लाख 83 हजार 140 क्विंटल की आवक हुई है। जबकि बीते सीजन में मंडी में बाजरा की आवक का आंकड़ा 4 लाख 13 हजार क्विंटल से अधिक था। ऐसे में मंडी समिति वर्तमान सीजन में बाजरा व तिल से 34.20 लाख रुपए की टैक्स आय हुई, जबकि बीते सीजन में चार माह में 54 लाख रुपए टैक्स अर्जित किया था।

हजार के आंकड़े से दूर रही तिल : खरीफ फसल के बेचान सीजन में इस बार तिली की आवक हजार के मासिक आंकड़े से आधी रही। एक माह देरी से आई तिल्ली की सीजन में कुल आवक महज 1063 क्विंटल रही। जबकि बीते सीजन में 6965 क्विंटल की आवक रही। मंडी सूत्रों के अनुसार अक्टूबर में 298 क्विंटल, नवम्बर में 515 क्विंटल तथा दिसम्बर माह में 250 क्विंटल तिली का मंडी में बेचाना हुआ था। इसे समिति के 1 लाख 20 हजार रुपए का टैक्स मिला। जबकि वर्ष 2023 के सीजन में यह आय 9 लाख रुपए थी।