Karoli फोर लाइन सड़क की कवायद शुरू, जल्द तैयार होगी डीपीआर
करौली न्यूज़ डेस्क, करौली वाहनों के बढ़ते दबाव से हांफ रही करौली-हिण्डौनसिटी सड़क मार्ग के अब दिन फिरने की उम्मीद जागी है। सब कुछ ठीकठाक रहा तो अगले वर्ष इस मार्ग पर चमचमाती फोर लाइन सड़क का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। करौली-हिण्डौन मार्ग को फोर लाइन में तब्दील करने के लिए कवायद शुरू हो गई है। इसके तहत सड़क निर्माण को जल्द ही डीपीआर तैयार होगी। इसके लिए टेण्डर प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। आरएसआरडीसी की ओर से सड़क निर्माण कार्य की डीपीआर तैयार करने के लिए एक कंसलटेंसी के नाम टेण्डर जारी कर दिए गए हैं। संबंधित कंसलटेंसी की ओर से आगामी दो माह में डीपीआर तैयार की जाएगी। इससे उम्मीद है कि आगामी वर्ष में आने वाले बजट में फोर लाइन सड़क की सौगात मिल जाए। गत बजट में राज्य सरकार की ओर से इस मार्ग की डीपीआर बनवाने की घोषणा की गई थी, जिसके बाद यह कवायद चल रही है। गौरतलब है कि करौली जिला मुख्यालय से हिण्डौन उपखण्ड मुख्यालय तक की सड़क का निर्माण हुए काफी वर्ष बीत चुके हैं। ऐसे में सड़क अनेक जगह से बदहाल हो चुकी है। अनेक स्थानों पर गड्ढे हो रहे हैं। ऐसे में वाहन हिचकौले खाते निकलते हैं। इससे यात्रियों को परेशानी होने के साथ वाहनों में खराबी भी आती है। वहीं गंतव्य तक पहुंचने में समय भी अधिक लगता है।
लगातार बढ़ रहा दबाव
वर्तमान में दो लेन की करौली-हिण्डौनसिटी सड़क मार्ग पर लगातार वाहनों का दबाव बढ़ रहा है। स्थानीय यातायात के अलावा दूरदराज से लोग वाहनों से आते हैं। विशेष रूप से उत्तर भारत के प्रसिद्ध कैलादेवी आस्थाधाम में लाखों श्रद्धालु माता के दर्शनों के लिए इसी सड़क मार्ग से आते हैं। उत्तरप्रदेश, दिल्ली, हरियाणा आदि प्रांतों के श्रद्धालु वाहनों से इसी मार्ग से होकर कैलादेवी पहुंचते हैं, लेकिन एक तो कई स्थानों पर सड़क क्षतिग्रस्त है, दूसरे सड़क की चौड़ाई भी अधिक नहीं होने से सुगम आवागमन भी नहीं हो पाता। ऐसे में इस सड़क मार्ग के फोर लाइन होने पर आवागमन सुगम हो जाएगा और यात्रियों को सुविधा मिल सकेगी।
25 किलोमीटर का होगा मार्ग
आरएसआरडीसी सूत्रों के अनुसार करौली से हिण्डौन तक फोर लाइन का निर्माण 25 किलोमीटर में होगा। करौली में मासलपुर चुंगी से लेकर हिण्डौन बाईपास तक की डीपीआर तैयार की जाएगी, जिसका करीब 25 लाख रुपए का टेण्डर हो चुका है। टेण्डर शर्तों के अनुसार फोर लाइन सड़क के साथ डिवाइडर भी शामिल होंगे। रास्ते में पुलियाओं को भी इसमें शामिल किया जाएगा। फोर लाइन सड़क में 7-7 मीटर की दो पट्टी होंगी, जबकि बीच में डिवाइडर होगा। इसके अलावा दोनों ओर पटरियों का निर्माण भी शामिल होगा।
