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Karoli बाढ़ के हालातों से राहत के बाद अब मौसमी बीमारी फैलने की आशंका

 
Karoli बाढ़ के हालातों से राहत के बाद अब मौसमी बीमारी फैलने की आशंका

करौली न्यूज़ डेस्क, करौली अतिवृष्टि से हुए जलभराव की निकासी के बाद अब तीन दिन से तेज धूप खिलने से बीमारियों के प्रकोप की आशंका होने लगी है। चिकित्सालय में फिर से ओपीडी में ढाई हजार के आकड़े को पार करने लगी है। इनमें ज्यादातर रोग उल्टी -दस्त व बुखार के हैं। हालांकि चिकित्सा विभाग की ओर से शहर में दो टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच कर दवाएं दे रहीं हैं।  आठ दिन तक जलभराव रहने के बाद साफ हुए मौसम से धूप में तल्खी रहने से माहौल उमम भरी गर्मी का हो गया है। रविवार का अधिकतम तापमान 39.1 डिग्री सैल्सियस रहा। जो शनिवार की तुलना में 3 डिग्री सैल्सियस अधिक था।

बारिश के बाद दिन व दिन बढ़ रहे तापमान से चिकित्सालय में रोगियों की संख्या बढ़ने लगी है। इनमें अधिकांश रोगी खांसी, जुकाम, उल्टी, दस्त, पेट दर्द बुखार के हैं। शनिवार को चिकित्सकों के ओपीडी बहिष्कार के बावजूद जिला चिकित्सालय में 2300 रोगियों को उपचार परामर्श दिया गया। वहीं 143 रोगियों को भर्ती किया गया था। जबकि शनिवार को आउटडोर में रोगियों की आवक 2734 रही। चिकित्सकों का मानना है कि शुरुआती दौर में रोकथाम के प्रति एहतियाती उपाय नहीं बरते गए तो मौसमी बीमारियों के पैर पसारने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। गौरतलब है कि 10 से 13 अगस्त तक चिकित्सालय की ओपीडी एक हजार से नीचे थी। जो 14 अगस्त को 2400 को पार कर गई।

बीमारियों से बचाव के लिए बरतें एहतियात : जिला चिकित्सालय के फिजिशिन डॉ. आशीष शर्मा ने बताया कि बारिश के बाद तेज धूप खिले से प्राय: मौसमी बीमारियां होने की आंशका रहती है। ऐसे में लोग घरों की छत की खुली टंकियों व आस पास जलभराव नहीं होने दें। जलभराव के ऊपर एमएलओ डालें तथा मच्छररोधी उपाय अपनाए। खासतौर पर वासा भोजन व ठण्डे पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए।