Karoli मंडरायल तहसील को नए भवन में शिफ्ट करने की मांग, दिया धरना
इस दौरान पूर्व मंत्री ने कहा कि जल्द से जल्द तहसील कार्यालय को नए भवन शिफ्ट किया जाए, जिससे क्षेत्रवासियों बेहतर सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि पुराना तहसील भवन क्षतिग्रस्त है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। पूर्व मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में धरने पर बैठना पड़ रहा है, जो बड़ा दुर्भाग्य पूर्ण है। नए तहसील भवन का निर्माण पूर्ण होने बाद हैंड ओवर की कार्रवाई भी हो चुकी है। कुछ राजनीतिक लोगों द्वारा एनजीटी नेशनल ग्रीन में शिकायत का बहना बनाकर शिफ्टिंग में रोडा लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दबाव में आम जनता के काम प्रभावित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि एनजीटी ने कमेटी का गठन किया है, जिसमें पर्यावरण सेकेट्री, मुख्य वन संरक्षक और जिला कलेक्टर हैं।
उन्होंने कहा कि वो चाहते है कि कमेटी जल्द अपनी रिपोर्ट आम जानकी हित में दे। साथ ही जल्द भवन शिफ्ट हो, जिससे क्षेत्र वासियों को सुविधा मिले। एनजीटी के कारण तो गांवों में हैंडपंप, बिजली के कनेक्शन, न रोड बनेगा ना मकान बनेगा। यह कोई भाजपा और कांग्रेस का मामला नहीं, केवल जनता से जुड़ा हुआ मामला है। इसका उद्घाटन किया जाए चाहे मंत्री, विधायक, कोई भी करें। उन्होंने कहा कि मंडरायल में खुलेआम प्रतिबंध दवाइयां बिक रही हैं और सट्टा चल रहा है।सपोटरा में विधायक के नजदीकी रेत बेच रहे हैं। वहां भी एनजीटी और वर्ड लाइफ का मामला है। ऐसे नहीं होना चाहिए सभी लिए बराबर अधिकार है। तहसीलदार कमल चंद शर्मा ने कहा कि जो नई तहसील बनी है 7 नवम्बर तक शिफ्टिंग कर दी जाएगी। जिसके सूचना उच्च अधिकारियों तक भेज दी गई है। फाइल और कागजात की सूची तैयार की जा रही है।
