Karoli बारिश में बसें खराब, रास्ते में रोडवेज का सफर ठप हो रहा
करौली न्यूज़ डेस्क, करौली बारिश में जर्जर सड़कों पर दौड़ने व समुचित मरमत के अभाव में रोडवेज की बसें ब्रेक डाउन हो रही हैं। बीच राह बस का सफर थमने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डिपो की प्रतिदिन 2 से 3 बसें खराब हो रही हैं। शिड्यूल के किलोमीटर पूरे नहीं होने से रोडवेज को अधूरी यात्रा से अर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। गत दिवस भीलवाड़ा जा रही बस जयपुर से ही लौट आई।
दसअसल एक माह से चल रहे मानसून सीजन के बीच बसों में खराबी अधिक आ रही है। सड़कों पर जल भराव से निकलने से मशीनरी व सेंसर में पानी भरने से बसें रास्ते में ही थम जाती है। वहीं बारिश में जर्जर हाल सड़कों में बने गहरे गड्ढे भी टूट फूट के चलते बसों की राह में रोड़ा बन रहे हैं। करौली व हिण्डौन डिपो में रोडवेज निगम की 37 में से 24 बसें बीएस-4 श्रेणी में सेंसर युक्त हैं। इनमें प्रति दिन 2-3 बसें ठप होने से ब्रेकडाउन (असंचालित) हो जाती है। जबकि अनेक बसों में तकनीकी खामी आने पर चालक-परिचालक मरमत कर सफर पूरा करते हैं। बसों के रास्ते में खराब होने से रोडवेज डिपो का प्रति दिन औसतन 350 किलोमीटर का सफर कम हो रहा है। बीते पांच दिनों में बसों के ब्रेक डाउन होने से 1924 किलोमीटर की कटौती हुई। इसमें 27 जुलाई को सर्वधिक 921 किलोमीटर की कटौती है। गौरतलब है कि जिले केकरौली व हिण्डौन डिपो में कुल 42 रोडवेज बसें हैं। इनमें से 5 कंडम घोषित होने से 37 बसों का मार्गों पर संचालन हो रहा है। इनके अलावा 12 बसें अनुबंध की भी हैं।
50 किमी दूर तक भेजते मिस्त्री
कार्यशाला के पारी प्रभारी मोहमद तजमुल ने बताया कि रोडवेज बस के ब्रेक डाउन होने परडिपो से 50 से 70 किलोमीटर दूर मरमत के लिए मिस्त्री भेजते हैं। हिण्डौन से करौली जिला सहित बाड़ी, सिकंदरा, बयाना व गंगापुरसिटी तक मिस्त्री बसों की मौैके पर मरमत करने पहुंचते हैं। जबकि अनुबंध की बसों की मरमत संबंधित एजेंसी करवाती है।
