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Karoli एक साल में ही बर्बाद हो गया सौंदर्यीकरण, शहर की पुरानी धरोहरें हो गईं बेकार

 
Karoli एक साल में ही बर्बाद हो गया सौंदर्यीकरण, शहर की पुरानी धरोहरें हो गईं बेकार

करौली न्यूज़ डेस्क, हिण्डौनसिटी अमृत योजना में द्वितीय चरण में 5.80 करोड़ रुपए की लागत से किया शहरी पर्यटन व पुरा धरोहर सौंदर्यीकरण कार्य एक वर्ष में ही बिगड़ गया है। पहले अतिवृष्टि और अब रखरखाब में अनदेखी से पुरा धरोहरें फिर से बेनूर हो गई हैं। स्थिति यह है कि शहर में मोटी राशि खर्चने के बाद भी सरकार की शहरी पर्यटन विकास की योजना सिरे नहीं चढ़ सकी है।

दरअसल अमृत योजना के द्वितीय चरण में शहर में सिटी टूरिज्म डवलपमेंट (शहरी पर्यटन विकास) के लिए नगर परिषद ने जलसेन, जच्चा की बावड़ी व प्रहलाद कुण्ड को चिह्नित कर राजस्थान अर्बन ड्रिंकिंग वाटर सीवरेज एंड इंफ्रास्ट्रेक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (रुडिस्को) के माध्यम से जयपुर की एक एजेंसी से 5.80 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार कराई गई थी। जिसमें 3 करोड़ 30 लाख रुपए की लागत से जलसेन तलाब का जीर्णोद्धार व मय आईलैण्ड के वाटर पार्क निर्माण करना तथा 98 लाख रुपए से प्रहलाद कुण्ड व 52 लाख रुपए की लागत से जच्चा की बावड़ी को सौंदर्यीकरण कर पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित करना प्रस्तावित किया था। जिसके तहत एक स्थानीय संवेदक से तीनों स्थानों पर सौंदर्यीकरण के कार्य कराए गए। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में गत वर्ष अक्टूबर माह में उद्घाटन के बाद ये तीनों स्थान अनदेखी के शिकार हो गए। देखभाल के अभाव जलसेन तालाब में बने आइलैड पर इंटरलॉकिंग पॉथ वे कई जगह से टूट गया है। वहीं लोगों के बैठने के लिए लगाई सीमेंट की कुर्सियां टूटी पड़ी व रोशनी के लिए लगाए विद्युत पोल भी टेड़े हो गए हैं। बारिश के दौरान मिट्टी कटाव हुई बदहाली को संवेदक ने गारंटी अवधि के चलते फिर से मरम्मत करवाया है, लेकिन समुुचित सारसंभाल नहीं होने से 4 करोड़ 30 लाख रुपए की लागत से बन जनसेन में बनाया पिकनिक स्पॉट लोगों को आकर्षित नहीं कर पा रहा है।