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Karoli कृषि उपज मंडी समिति की आय में 75 फीसदी की गिरावट

 
Karoli  कृषि उपज मंडी समिति की आय में 75 फीसदी की गिरावट
करौली न्यूज़ डेस्क, करौली क्षेत्र में हो रही बारिश के चलते जिले की एक मात्र ए श्रेणी की कृषि उपज मंडी में कारोबार मंदा पड़ गया है। जिंसों की आवक कम होने से करोड़ों रुपए की दैनिक खरीद-फरोत अब लाखों रुपए में सिमट गई है। गत माह के पहले सप्ताह की तुलना में मंडी में कारोबार में तक कमी आई है। मंडी में व्यापार हल्काने से कृषि उपज मंडी समिति की टैक्स अर्जित आय में 75 फीसदी तक कम हो गई है। दरसअसल कैलाश नगर स्थित कृषि उपज मंडी में करौली जिला सहित महुवा, बयाना वजीरपुर क्षेत्र के गांवों से किसान बेेचान के लिए जिंस लेकर आते हैं। इससे मंडी में फसली सीजन में 3-4 करोड़ रुपए का कारोबार होता है। जबकि सामान्य दिन में एक से डेढ़ करोड़ रुपए की जिन्सों की खरीद फरोत होती है। बीते एक पखबाड़े से जिले सहित आसपास के क्षेत्र में बारिश का दौर चलने से जिंसों की आवक कम हो गई है। जुलाई माह के पहले सप्ताह की तुलना में अगस्त माह के शुरुआती तीन दिनों में महज 25 प्रतिशत कारोबार रह गया है। कृषि उप मंडी व्यापार मंडल के महामंत्री सौरभ बंसल ने बताया कि रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को खुली कृषि मंडी में सरसों,गेहूं व बाजरा के करीब 1250 कट्टों की आवक हुई है। किसानों की आवक कम होने से हल्काए कारोबार से मण्डी परिसर में खालीपन बना हुआ है। व्यापारियों का कहना है कि किसानों के कृषि कार्य में व्यस्त होने से जिसों की आवक में कमी से कारोबार मंदा है।

चना सिमटा, सरसों रह गई एक चौथाई : मंडी समिति के अनुसार एक माह के अंतराल में मंडी में चने की आवक सिमट गई है। वहीं सरसों महज 30 प्रतिशत रह गई है। जुलाई माह के पहले सात दिन में सरसों की आवक 2922 क्विंटल थी। जो अगस्त माह के पहले पांच दिन में करीब 1225 क्विंटल रही है। जुलाई के प्रथम सप्ताह में चना की आवक 145 क्विंटल थी तो अगस्त में महज 7 क्विंटल पर सिमट गई।

मंडी टैक्स आय में भी गिरावट : मंडी में व्यापार कम होने से समिति की टैक्स आय में भी तुलनात्मक रूप से कमी आई है।अगस्त माह के पहले सप्ताह में 2 लाख 38 हजार रुपए की टैक्स से आय हुई थी। इसमें सर्वाधिक एक लाख 72 हजार रुपए की आय सरसों से हुई थी। जबकि अगस्त माह में 3 तारीख तक महज 68 हजार रुपए की आय हुई है।