Karoli तीसरे दिन भी 300 सफाईकर्मी हड़ताल पर, शहर से नहीं उठा कचरा
सफाई कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में मस्टरोल के आधार पर सफाईकार्मिकों की भर्ती की जाए, प्रेक्टिकल में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को एक साल बाद स्थायी कार्मिक घोषित किया जाए, सफाई कार्मिकों को बोनस अंक के आधार पर प्राथमिकता दी जाए, 2018 के सफाईकार्मिकों को उनके मूल पद सफाई कार्य पर नियुक्त किया जाए तथा काफी समय से सफाई कार्य में जुड़े परिवारों और वाल्मिकी समाज के लोगों को भर्ती में प्राथमिकता दिया जाना शामिल है। ज्ञापन में मनोज घेंघट सहित कई लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं।
हिण्डौनसिटी दस माह से बकाया मानदेय के भुगतान और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर चल रही सफाईकर्मियों की हड़ताल से शहर में आठ दिन से सफाई व्यवस्था ठप है। बाजार से लेकर कॉलोनियों के नुक्कड़ पर उठाव नहीं होने से कचरे के ढेर लगे गए हैं। कचरे से उठती दुर्गन्ध से लोगों का राह निकलना मुहाल हो गया है। सोमवार को सफाई कर्मचारियों के नगर परिषद कार्यालय प्रांगण में विरोध प्रदर्शन किया। नगर परिषद के ठेका व स्थाई सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते एक सप्ताह कचरे का उठाव नहीं हो रहा है। शहर के हृदय स्थल डेम्परोड बाजार में कचरे के बड़ा ढेर लग गया। सफाई के अभाव में फल विक्रेताओं को कचरे के ढेर के पास दुर्गन्धमय माहौल में ही ठेला लगाने पड़ रहे हैं। सदर थाने के सामने, दुब्बे पाडा, एसडीएम कार्यालय के पास, हरणाकुश कुआ सहित शहर में एक दर्जन से अधिक कलेक्शन प्वाइंटों कर कचरे के ढेर लगे हुए हैं। गौरतलब है कि 10 माह का करीब सवा दो करोड़ रुपए का मानदेय बकाया होने पर ठेका सफाईकर्मी 22 जुुलाई से हडताल पर है। वहीं सफाईकर्मी भर्ती में रोस्टर प्रक्रिया के विरोध में 26 जुलाई से परिषद के स्थाई सफाईकर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश पर चल रहे हैं। नगर परिषद के करीब 265 सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से सभी पांच जोनों में सफाई कार्य ठप पड़ा है। सुबह सफाई कर्मियों ने राजस्थान मेहतर मजदूर संघ के स्थानीय शाखा के अध्यक्ष चरण सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। इस दौरान अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा के युवा जिलाध्यक्ष जीतेंद्र तमोली,राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष दिलीप कुमार जादौ, अर्जुन आदि मौजूद रहे।
