करौली-धौलपुर में विकास को नई रफ्तार, मंत्री रावत ने रखी 28 करोड़ की परियोजनाओं को दिखाई हरी झंडी
राजस्थान सरकार के जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत बुधवार को करौली दौरे पर आए। उन्होंने पांचना बांध पर करौली व धौलपुर जिले की विभिन्न जल संरक्षण परियोजनाओं का भूमि पूजन व शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि 'वंदे गंगा जल संरक्षण, जन अभियान पखवाड़ा' को जन आंदोलन बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, पर्यावरण प्रेमियों व आमजन की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। मंत्री ने कहा कि करौली जिले के लिए 28 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से 4 तथा धौलपुर जिले के लिए 7 महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया है। इनमें पांचना बांध का आधुनिकीकरण कार्य, 6.06 करोड़ रुपए की लागत से सूरौठ की ग्राम पंचायत वैजट में नए एनीकट का निर्माण, 1.62 करोड़ रुपए की लागत से कालागुड़ा में टिखुटी एनीकट तथा 6.31 करोड़ रुपए की लागत से जटनगला में एनीकट निर्माण शामिल हैं। इन परियोजनाओं से भूजल स्तर में वृद्धि होगी तथा पशु-पक्षियों को भी पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
"पहले बारिश का पानी व्यर्थ बह जाता था"
मंत्री ने कहा कि पहले बारिश का पानी व्यर्थ बह जाता था, जिसे अब जल परियोजनाओं के माध्यम से संरक्षित किया जा रहा है। ईआरसीपी जैसी योजनाएं इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। कार्यक्रम में करौली विधायक दर्शन सिंह गुर्जर और सपोटरा विधायक हंसराज मीना ने जल संरक्षण के क्षेत्र में राज्य सरकार की पहल की सराहना करते हुए इसे जनहित में महत्वपूर्ण बताया।
मंत्री ने गिनाई मोदी सरकार की उपलब्धियां
करौली सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज भारत तेजी से विकसित राष्ट्र की ओर बढ़ रहा है। मोदी सरकार ने न केवल सीमा सुरक्षा, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर रक्षा शक्ति को मजबूत किया, बल्कि एस-400 मिसाइल, ब्रह्मोस, तेजस जैसे स्वदेशी हथियारों से सैन्य शक्ति को भी मजबूत किया। उन्होंने कहा कि भारत का रक्षा निर्यात 23 हजार 622 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
डीबीटी के जरिए लाभार्थियों के खातों में पहुंचे 44 लाख करोड़ रुपए
उन्होंने कहा कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए 44 लाख करोड़ रुपए सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचे हैं, जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है। जीईएम पोर्टल के जरिए पारदर्शिता बढ़ी है और 13.41 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के ऑर्डर दिए गए हैं। पूर्वोत्तर भारत के विकास का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 44 हजार 859 करोड़ रुपए से ज्यादा की 3600 से ज्यादा परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है और उग्रवाद में 64 फीसदी की कमी आई है।
