करौली: अतेवा पंचायत के ग्रामीणों ने सरपंच पर सरकारी भूमि पर अवैध कॉलोनी बसाने का लगाया आरोप, जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
जिले की अतेवा ग्राम पंचायत में ग्रामीणों ने सरपंच पर सरकारी भूमि पर अवैध कॉलोनी बसाने का गंभीर आरोप लगाया है। सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण जिला मुख्यालय पहुंचे और करौली जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर तत्काल जांच व कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच ने सरकारी जमीन पर अवैध भूखंड काटकर बाहरी लोगों को बेच दिए हैं, जिससे पंचायत क्षेत्र में अवैध निर्माण तेजी से बढ़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत की सीमाओं में आने वाली चारागाह भूमि और खेल मैदान जैसी सरकारी जमीन को अवैध तरीके से कॉलोनी के रूप में विकसित किया जा रहा है। आरोप है कि सरपंच ने न केवल भूमि की सीमाएं बदलीं बल्कि भूखंडों की नकली पैरवी करके बाहरी व्यक्तियों को प्लॉट भी आवंटित कर दिए। इससे गांव में सरकारी भूमि का हक रखने वाले असली ग्रामीणों के अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार इस विषय में पंचायत स्तर पर आपत्ति जताई गई, लेकिन सरपंच ने कोई सुनवाई नहीं की। उलटा, ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्हें धमकाया गया और उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया गया। मजबूर होकर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन का रुख किया।
जिला कलेक्टर को दिए गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित भूमि की राजस्व रिकॉर्ड से जांच करवाई जाए और यदि अवैध कॉलोनीकरण साबित होता है तो सरपंच और सहयोगी व्यक्तियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि अवैध कॉलोनियां बनने से गांव की आधारभूत सुविधाएँ जैसे पानी, सड़क, बिजली और नालियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
ग्राम पंचायत के कुछ सदस्यों ने बताया कि अवैध निर्माण होने के कारण गांव की योजनाबद्ध विकास प्रक्रिया बाधित हो रही है। सरकारी भूमि को निजी स्वार्थ में बेचकर न केवल कानून का उल्लंघन किया जा रहा है, बल्कि भविष्य में ग्रामीणों के लिए सुविधाओं का विस्तार करना भी मुश्किल हो जाएगा।
जिला प्रशासन ने ज्ञापन लेने के बाद मामले की जांच के आदेश देने की बात कही है। कलेक्टर कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि राजस्व विभाग और पंचायत राज विभाग से संयुक्त टीम गठित कर मौके का निरीक्षण करवाया जाएगा। यदि जांच में आरोप सही पाए गए, तो संबंधित अधिकारी और जनप्रतिनिधि जिम्मेदार ठहराए जाएंगे।
ग्रामीणों ने प्रशासन से यह भी गुहार लगाई कि जब तक जांच पूर्ण नहीं हो जाती, संबंधित भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण या बिक्री तत्काल रोकी जाए। उन्होंने कहा कि सरपंच द्वारा किए गए अवैध कॉलोनीकरण से गांव का भविष्य खतरे में पड़ सकता है, इसलिए समय पर कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है।
इस पूरे विवाद ने अतेवा पंचायत में राजनीतिक और सामाजिक माहौल को गर्मा दिया है। ग्रामीण अब प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि सरकारी भूमि को बचाने के लिए कठोर कदम जल्द उठाए जाएंगे।
